प्रतापपुर। प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक और लगातार हो रहे फसल नुकसान को लेकर कांग्रेस नेता शिवभजन सिंह मराबी ने ग्रामीणों के साथ वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम वन परिक्षेत्र अधिकारी, घुई को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में हाथियों से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें उत्पाती हाथियों को पकड़कर तमोर पिंगला हाथी पुनर्वास केंद्र, रमकोला में रखने, हाथियों से फसल नुकसान का मुआवजा बढ़ाकर 60 हजार रुपए प्रति एकड़ करने तथा हाथी हमले में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि फसल क्षति का मुआवजा 15 दिनों के भीतर हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा किया जाए। इसके साथ ही पूर्व में लंबित फसल क्षति मुआवजा प्रकरणों का तत्काल निराकरण कर भुगतान करने की मांग भी उठाई गई।
सात दिन का अल्टीमेटम, चक्काजाम की चेतावनी
कांग्रेस नेता शिवभजन सिंह मराबी ने कहा कि हाथियों के लगातार विचरण से ग्रामीणों की आजीविका और किसानों की फसल प्रभावित हो रही है। उन्होंने वन विभाग को सात दिन का समय देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी 11 नंबर बनारस रोड पर चक्काजाम और अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। वहीं ग्रामीणों ने हाथी-मानव संघर्ष की समस्या का स्थायी समाधान निकालने तथा प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दिनेश गुप्ता, संजय यादव, अनिल गुप्ता, खड़क बहादुर सिंह, नंदकेश्वर यादव, सचिन कुमार, मोती यादव, शिवशंकर यादव, फुलसाय, कैलाश, बालमुकुंद सिंह, रामसुंदर यादव, हेमकल्याण सिंह, हेमराज सिंह, सूरेश अयाम, शिवकुमार यादव, रामलखन बैगा, रूद्रप्रसाद यादव, बृजबिहारी जायसवाल, जय सिंह, बंधूराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब ग्रामीणों की मांगों पर वन विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजर है।



