आदित्य गुप्ता
सूरजपुर। नशामुक्त समाज के निर्माण एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से संचालित ‘नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा’ की टीम ने पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश पटेल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान जिले में नशामुक्ति जागरूकता, परामर्श एवं कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान अभियान की संरक्षिका एवं वरिष्ठ समाजसेविका सुश्री वंदना दत्ता, मुख्य संचालिका सेवा किटी समूह एवं वसुधा महिला मंच सरगुजा, अभियान के काउंसलर एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री अजय तिवारी, कर्मयोग राज्य समन्वयक आर्ट ऑफ लिविंग छत्तीसगढ़, समन्वयक एवं युवा समाजसेवी श्री अनिल कुमार मिश्रा, मुख्य कार्यकारी छत्तीसगढ़ प्रचार एवं विकास संस्थान अंबिकापुर तथा अभियान के संयोजक एवं चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी अंबिकापुर के सह-निदेशक उपस्थित रहे।
नशामुक्ति अभियान की गतिविधियों पर हुई चर्चा
अभियान के समन्वयक अनिल कुमार मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक को ‘नवा बिहान’ नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने नशे की लत से प्रभावित लोगों को जागरूक करने, परामर्श उपलब्ध कराने तथा समाज में नशे के खिलाफ सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।
इस दौरान सूरजपुर जिले में कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से संचालित जनजागरूकता एवं सामाजिक प्रयासों में ‘नवा बिहान’ टीम द्वारा सकारात्मक सहयोग करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। टीम ने कहा कि पुलिस और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों से नशे के खिलाफ जनजागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
पुलिस और समाज के सहयोग से मजबूत होगी मुहिम
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नशामुक्ति केवल पुलिस या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार, सामाजिक संगठनों, युवाओं और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापक अभियान खड़ा किया जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल ने ‘नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा’ के सदस्यों द्वारा समाजहित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए टीम का सहृदय धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। मुलाकात को नशामुक्ति और सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में सामाजिक-पुलिस समन्वय की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है।



