बगिया, जशपुर | 27 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में वर्षों से सेवाएं दे रहे राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) संघ के प्रदेश पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने नियमितीकरण/संविलियन, ग्रीष्मकालीन अवधि के मानदेय, समान कार्य-समान वेतन तथा शासकीय कर्मचारियों के समान अवकाश सहित विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पूर्व में सौंपे गए मांग-पत्र एवं विभाग को प्रेषित पत्रों की जानकारी देते हुए बताया कि अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) वर्ष 2015-16 से लगातार शासकीय विद्यालयों में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अध्यापन कार्य के साथ वे आईसीटी प्रशिक्षण, निर्वाचन कार्य, एनएसएस प्रभारी, बोर्ड परीक्षा, बाह्य पर्यवेक्षक तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं विभागीय दायित्वों का भी निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें
संघ ने राज्य अतिथि शिक्षकों को शिक्षा विभाग में नियमितीकरण, संविलियन अथवा समायोजन करने की मांग की। इसके अलावा ग्रीष्मकालीन अवधि का मानदेय देने, समान कार्य-समान वेतन के आधार पर व्याख्याता पद के मूल वेतनमान का लाभ प्रदान करने तथा शासकीय कर्मचारियों के समान अवकाश की पात्रता देने की मांग भी रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्थायी और सम्मानजनक सेवा व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
‘कुछ होगा’—मुख्यमंत्री के आश्वासन से बढ़ी उम्मीद
संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि अतिथि शिक्षकों से संबंधित कार्य प्रक्रिया में है और “कुछ होगा।” मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद प्रदेशभर के विद्यामितान शिक्षकों में वर्षों पुरानी नियमितीकरण की मांग के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है।
संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा समय देने और सकारात्मक आश्वासन दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार अतिथि शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का जल्द समाधान कर उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस निर्णय लेगी।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष राज यादव, जिला अध्यक्ष सरगुजा विपिन कुशवाहा, बिंदलाल पासवान, ज्योति गुप्ता एवं अन्नू गुप्ता सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।



