13 साल की पीड़ा: हर बारिश में घर बन जाता है तालाब
अम्बिकापुर। शहर में बारिश के साथ जलभराव की समस्याएं आम हैं, लेकिन सोशल एक्टिविस्ट सतेंद्र पांडेय के लिए हर मानसून पिछले 13 वर्षों से एक नई मुसीबत लेकर आता है। उनका आरोप है कि पड़ोसी मकानों में लगे टीन शेड से बारिश का पूरा पानी उनके घर की ओर गिरता है, जिससे घर में जलभराव, दीवारों में सीपेज और प्लास्टर क्षतिग्रस्त होने की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
सतेंद्र पांडेय का कहना है कि ममता पांडेय, आशुतोष पांडेय (चिन्टू), कारू उर्फ राहुल पांडेय एवं महेंद्र पांडेय के मकानों से बारिश का पानी सीधे उनके घर की ओर आता है। पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घर की दीवारों में लगातार नमी बनी रहती है। इससे प्लास्टर उखड़ चुका है और दीवारों के कमजोर होने का खतरा भी बढ़ गया है।
13 साल की शिकायतें, लेकिन समाधान अब भी अधूरा
पीड़ित के अनुसार उन्होंने कई बार संबंधित लोगों से चर्चा करने के साथ-साथ कोतवाली थाना, नगर निगम एवं कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई। नगर निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण कर आपसी समझौते के माध्यम से समाधान का प्रयास किया। कलेक्टर के निर्देश पर पंचनामा भी तैयार किया गया, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
परिवार की सुरक्षा पर भी मंडरा रहा खतरा
लगातार जलभराव और सीपेज के कारण मकान की दीवारें कमजोर होती जा रही हैं। सतेंद्र पांडेय का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर पर अनुपस्थित रहने के दौरान उनकी पत्नी और बच्चों को कथित रूप से धमकियां दी जाती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पंचनामा बना, लेकिन कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार कर लिया था, तब समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि स्थिति स्पष्ट थी, तो जल निकासी की उचित व्यवस्था आज तक क्यों नहीं बन पाई? यह सवाल अब भी अनुत्तरित है।
हर बारिश में दोहराती है वही पीड़ा
बारिश शुरू होते ही आज भी सतेंद्र पांडेय के घर में पानी भर जाता है। परिवार हर मानसून में नुकसान और संभावित खतरे की आशंका के बीच रहने को मजबूर है। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की दोबारा जांच कर स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शीघ्र समाधान की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि 13 वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान प्रशासन कब तक करता है, या फिर हर बारिश के साथ यह परेशानी यूं ही लौटती रहेगी।



