‘दीपावली पर धुआं और होली पर पानी का रोना राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र का हिस्सा’—संघ बौद्धिक में गरजे दीपक राम
पर्यावरण संरक्षण के लिए 'पंच परिवर्तन' का आह्वान; कहा—100 वर्ष के सफर के बाद संघ के खिलाफ साजिशें तेज, सजग रहे समाज।
अंबिकापुर। विजयादशमी उत्सव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आगामी शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को नगर में स्वयंसेवकों ने अनुशासित व भव्य पथ संचलन निकाला। मायापुर बस्ती एवं महामाया बस्ती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति से शस्त्र पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। घोष की अनुशासित ताल और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत इस संचलन का नगरवासियों ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया।
विभिन्न मार्गों से गुजरा संचलन, पुष्पवर्षा से स्वागत
पथ संचलन मल्टीपरपज हाई स्कूल मैदान से प्रारंभ होकर महामाया चौक, पंचदेव मंदिर, चांदनी चौक और थाना रोड होते हुए पुनः मल्टीपरपज मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ। मार्ग में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन और अभिनंदन किया। संचलन के दौरान कदमताल करते स्वयंसेवकों का अनुशासन व राष्ट्रभाव देखते ही बन रहा था।
राष्ट्र, धर्म और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय हों: दीपक राम
संचलन के समापन पर आयोजित बौद्धिक सत्र को मुख्य वक्ता के रूप में संघ के प्रचारक एवं धर्म जागरण के विभाग संगठन मंत्री दीपक राम ने संबोधित किया। उन्होंने सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और संघ के पंच परिवर्तन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
पर्यावरण संरक्षण:
"जल बचाएं, पौधे लगाएं और पॉलीथिन का त्याग करें। पर्यावरण का संरक्षण हमारी व्यक्तिगत व सामाजिक जिम्मेदारी है।"
त्योहारों पर विमर्श और षड्यंत्र:
उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विभिन्न स्तरों पर षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, जिनसे समाज को सावधान रहने की आवश्यकता है। दीपावली पर वायु प्रदूषण और होली पर पानी की बर्बादी का चयनात्मक विलाप करने वाले तत्वों और राष्ट्रविरोधी ताकतों की मंशा को समझना होगा।

स्वदेशी व स्वभाषा:
उन्होंने नागपुर में 17 स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुए पहले संचलन का स्मरण कराते हुए स्वदेशी, स्वभाषा और सामाजिक समरसता के विचार को व्यवहार में लाने का आह्वान किया।
दीपावली मिलन:
उन्होंने समाज से आगामी दीपावली को समरसता और 'दीपावली मिलन' के रूप में एक-दूसरे को जोड़ते हुए मनाने की अपील की।
दायित्व और सहभागिता
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मायापुर बस्ती प्रमुख रघुनंदन सोनी, गुरु गोविंद सिंह शाखा के शाखा कार्यवाह अशोक पांडेय, मुख्य शिक्षक राजेश केशरी, महामाया बस्ती कार्यवाह सुधीर सिंह, महामाया बस्ती पालक आदित्य गुप्ता, ध्वज वाहक लक्ष्मण गुप्ता तथा मंडल एवं रेखांकन व्यवस्था में धनंजय वर्मा सक्रिय रहे। कार्यक्रम में सुभाषित व एकल गीत अंचल दुबे द्वारा प्रस्तुत किया गया, अमृत वचन का पाठ पांडेय जी ने किया और प्रार्थना सार्थक गर्ग द्वारा कराई गई। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध नागरिकों सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।



