विशेष संवाददाता |
अंबिकापुर -सरगुजा जिले में अपनी सख्त कार्यशैली, त्वरित निर्णय और फील्ड में सक्रियता के लिए पहचाने जाने वाले तेज-तर्रार उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) डी.के. सिंह की एक बार फिर वापसी हुई है। पदभार संभालते ही उन्हें शहर एवं जिले की सबसे संवेदनशील व चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी—ट्रैफिक व्यवस्था की कमान सौंपी गई है। उनकी इस नई पदस्थापना से जहां बेपटरी हो चुकी यातायात व्यवस्था में बड़े सुधार की उम्मीद जगी है, वहीं नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप का माहौल है।
फील्ड के माहिर और सख्त मिजाज अफसर
डीएसपी डी.के. सिंह की छवि पुलिस महकमे में एक व्यावहारिक, फील्ड-ओरिएंटेड और अनुशासनप्रिय अधिकारी की रही है। वे कार्यालय में बैठकर कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय स्वयं सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभालने और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जाने जाते हैं। पूर्व में भी जिले में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने और अपराध नियंत्रण में कड़े कदम उठाए थे, जिसकी सराहना आम नागरिकों ने खुले दिल से की थी।
शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था होगी प्राथमिकता
वर्तमान में अंबिकापुर शहर सहित जिले के प्रमुख मार्गों पर लगातार बढ़ता दबाव, मुख्य बाजारों में अवैध पार्किंग, भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और लगातार लगने वाले जाम की समस्या से आम जनता रोज दो-चार हो रही है। खासकर व्यस्ततम चौराहों पर सिग्नल व नियमों के उल्लंघन से सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। ऐसे में एक सख्त मिजाज और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारी को ट्रैफिक का जिम्मा मिलना व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
नागरिकों और व्यापारियों में उत्साह
डीएसपी सिंह की वापसी की खबर से स्थानीय व्यापारियों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों में खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि उनकी कार्यशैली से शहर के प्रमुख मार्गों पर सुगम आवागमन बहाल होगा और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सकेगा।
सख्त कार्रवाई के संकेत
सूत्रों के अनुसार, पदभार ग्रहण करते ही डीएसपी डी.के. सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने वालों पर शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाएगी। जल्द ही शहर में सुगम यातायात के लिए सघन चेकिंग अभियान और रूट डायवर्जन जैसे कड़े कदम देखने को मिल सकते हैं।



