The Activist TV Power of The People

ढाई साल में खड़ी की 6 करोड़ की प्रॉपर्टी,आईएएस-आईपीएस दंपति का 'विला साम्राज्य':सालाना 1.80 करोड़ की लीज कमाई का पर्दाफाश, अफसर दंपति पर गिरी गाज

रिसॉर्ट के 40 विला-कॉटेज ने फंसाया, रडार पर आए आईएएस-आईपीएस दंपति

By Admin · 31 Oct 2026 · 635 views
ढाई साल में खड़ी की 6 करोड़ की प्रॉपर्टी,आईएएस-आईपीएस दंपति का 'विला साम्राज्य':सालाना 1.80 करोड़ की लीज कमाई का पर्दाफाश, अफसर दंपति पर गिरी गाज

जयपुर।राजस्थान में नौकरशाही से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी व 1995 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. प्रशाखा माथुर द्वारा महज ढाई साल के भीतर 40 विला और कॉटेज खरीदने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाते हुए आईएएस शिखर अग्रवाल के बाद अब आईपीएस डॉ. प्रशाखा माथुर को भी पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (एपीओ) में डाल दिया है। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, वहीं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) पूरे मामले की गहन जांच में जुट गया है।

उदयपुर से अलवर तक करोड़ों की प्रॉपर्टी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आईएएस-आईपीएस दंपति और उनके पारिवारिक सदस्यों ने सितंबर 2023 में उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 कॉटेज खरीदे थे। इसके बाद मार्च में अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 विला खरीदे गए। गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से खरीदी गई इन सभी 40 संपत्तियों की कुल कीमत करीब 6 करोड़ 16 लाख 50 हजार रुपये दर्शाई गई है।

खरीदकर उसी कंपनी को लीज पर दी, हर साल 1.80 करोड़ की कमाई का मॉडल

इस पूरे सौदे का सबसे चौंकाने वाला पहलू लीज एग्रीमेंट है। दंपति ने जिन विला और कॉटेज को खरीदा, उन्हें उसी कंपनी को लीज पर देने के पंजीकृत दस्तावेज तैयार कराए। उदयपुर के प्रत्येक कॉटेज के लिए 4 लाख रुपये और अलवर के प्रत्येक विला के लिए 5 लाख रुपये सालाना लीज राशि तय की गई। इस हिसाब से परिवार को इन 40 संपत्तियों से प्रतिवर्ष 1 करोड़ 80 लाख रुपये की मोटी लीज राशि मिलने का दावा किया गया है।

संपत्ति रिटर्न में विरोधाभास, एसीबी के रडार पर आय के स्रोत

दस्तावेजों के मुताबिक, संपत्तियों की रजिस्ट्री अधिकारियों, उनकी सास, ससुर और पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए दोनों बेटों के नाम कराई गई थी, जिसमें अकेले शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर के नाम पर 28 विला-कॉटेज दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आईएएस शिखर अग्रवाल ने अपने अचल संपत्ति रिटर्न (आईपीआर) में 14 संपत्तियों का ब्योरा दिया था, जबकि आईपीएस प्रशाखा माथुर ने अपने आईपीआर में अचल संपत्ति की जानकारी ‘शून्य’ दर्शाई थी। रिटर्न में इस भारी अंतर और करोड़ों की खरीद के बाद एसीबी अब संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन, लीज डीड और आय के वैध स्रोतों की कड़ियों को खंगाल रही है।

Admin
Author
Admin

Related News