महज 12–15 हजार का सबमर्सिबल पंप, पंचायत ने 25 हजार में खरीदा ग्रामीणों में भारी आक्रोश
विकास के नाम पर फर्जी खर्च? सोनहत पंचायत घिरी
पंचायत खर्च सवालों में…जांच रिपोर्ट का इंतजार, सोनहत पंचायत पर निगाहें..!
सोनहत। ग्रामीण विकास के नाम पर मिलने वाले सरकारी बजट में किस तरह कथित रूप से सेंधमारी की जा रही है, इसका ताजा मामला सोनहत ग्राम पंचायत से सामने आया है। यहां पंचायत प्रशासन पर सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा जल आपूर्ति व्यवस्था के तहत एक 1.5 एचपी का सबमर्सिबल पंप लगवाया गया। बाजार में इस पंप की वास्तविक कीमत 12,000 से 15,000 रुपये के बीच बताई जा रही है, लेकिन पंचायत के आधिकारिक दस्तावेजों में इसकी खरीद कीमत 25,000 रुपये दर्शाई गई है। इससे प्रति पंप 10,000 रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
खरीद की जानकारी सामने आते ही ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय पहुंचकर वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी पंचायत में कराए गए कई कार्यों की गुणवत्ता और लागत को लेकर संदेह जताया जाता रहा है, लेकिन आज तक कोई ठोस जांच नहीं हुई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूर्व में कराए गए सभी कार्यों की भी जांच कराई जाए।
पंचायत का पक्ष
मामले में पंचायत अधिकारियों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया नियमों के तहत की गई है और दर्शाई गई राशि में इंस्टॉलेशन, फिटिंग एवं रखरखाव जैसे अतिरिक्त खर्च भी शामिल हैं। हालांकि ग्रामीण इस तर्क से संतुष्ट नहीं दिखे और पूरे लेन-देन को संदेहास्पद बता रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार स्थानीय प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला प्रशासनिक चूक है या फिर सुनियोजित भ्रष्टाचार। फिलहाल इस प्रकरण ने ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली और ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।