उगाही का आरोप, धमकी और छापा—एक स्पा सेंटर ने हिला दिया पूरा सिस्टम
आईजी तक पहुँची शिकायत: स्पा संचालक बनाम पुलिस अधिकारी, निष्पक्ष जांच की मांग
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक स्पा सेंटर संचालक ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल और वर्तमान सिविल लाइन थाना प्रभारी के खिलाफ अवैध वसूली, धमकी और दबावपूर्ण कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। स्पा संचालक लोकेश सेन और उनके भाई अमन सेन ने बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि शहर में स्पा सेंटर संचालित करने के नाम पर उनसे नियमित रूप से अवैध वसूली की जाती थी। अमन सेन का दावा है कि तत्कालीन एएसपी को हर माह 30 हजार रुपये दिए जाते थे। पीड़ितों के अनुसार, दिसंबर 2025 में जब उन्होंने यह राशि देना बंद किया, तो उन्हें कथित रूप से धमकियां मिलने लगीं। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को उनके स्पा सेंटर पर छापेमारी की गई, जिसे उन्होंने “फर्जी और दबाव में की गई कार्रवाई” बताया है। इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में तत्कालीन एएसपी और स्पा संचालक के बीच कथित तौर पर पैसों के लेन-देन को लेकर बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्पा संचालकों का कहना है कि उगाही से इनकार करने के कारण उनके व्यवसाय को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले को लेकर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल औपचारिक जांच और तथ्यों के परीक्षण की बात कह रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह भी संकेत दिए गए हैं कि यदि आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला न केवल पुलिसिंग की छवि, बल्कि कानून व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब सबकी निगाहें उच्चाधिकारियों की जांच और आने वाले फैसले पर टिकी हैं।