संवाददाता
सूरजपुर: जिले में शिक्षा के मंदिर के पास शराब दुकान खोले जाने का शांतिपूर्ण विरोध कर रहीं स्कूली छात्राओं के साथ प्रशासनिक असंवेदनशीलता का शर्मनाक मामला सामने आया है। स्कूल के नजदीक शराब भट्ठी का संचालन बंद कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठी छात्राओं को समझाने के बजाय मौके पर पहुंचीं महिला तहसीलदार अपना आपा खो बैठीं। उन्होंने छात्राओं को सरेराह धमकाते हुए कहा— "उठती हो कि सीधे थाने भिजवाऊं?"
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और आम जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
स्कूल के पास शराब भट्ठी से छात्राओं की सुरक्षा पर संकट
स्थानीय नागरिकों और छात्राओं के अनुसार, स्कूल परिसर के ठीक पास में शराब दुकान संचालित होने से आए दिन पियक्कड़ों का जमावड़ा लगा रहता है। स्कूल आने-जाने के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा छात्राओं पर फब्तियां कसी जाती हैं और माहौल असुरक्षित बना रहता है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर शैक्षणिक संस्थान के करीब खोली गई इस दुकान को हटाने के लिए छात्राओं ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो छात्राएं सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो गईं।
संवाद की जगह मिली थाने भेजने की धमकी
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थिति को संभालने पहुंचीं तहसीलदार ने छात्राओं की समस्या सुनने और सुरक्षा का भरोसा देने के बजाय सीधे कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में अधिकारी साफ तौर पर छात्राओं पर रोब झाड़ते हुए उन्हें थाने भिजवाने की धमकी देती सुनाई दे रही हैं। एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठी महिला अधिकारी द्वारा बच्चियों के साथ इस तरह के बर्ताव को लेकर लोगों में गहरा रोष है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
घटना का वीडियो वायरल होते ही सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। लोगों का कहना है कि जहां आबकारी नियमों के तहत स्कूल-कॉलेजों और धार्मिक स्थलों से निर्धारित दूरी पर ही शराब दुकानें खोलने का प्रावधान है, वहीं नियमों की धज्जियां उड़ाकर दुकान खोली गई। जब बच्चियों ने अपनी गरिमा और सुरक्षा के लिए आवाज उठाई, तो तंत्र ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय तानाशाही रवैया अख्तियार कर लिया।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से तत्काल शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने तथा छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने वाली संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।



