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'चिराग तले अंधेरा': सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के गृह ग्राम में ही घटिया सड़क निर्माण, ₹8 लाख की लागत पर उठे सवाल

विधायक रामकुमार टोप्पो के गृह ग्राम में सड़क निर्माण पर उठे सवाल, ₹8 लाख की सीसी रोड में गुणवत्ता की अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश

By Admin · 29 Oct 2026 · 287 views
'चिराग तले अंधेरा': सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के गृह ग्राम में ही घटिया सड़क निर्माण, ₹8 लाख की लागत पर उठे सवाल

मौके से इंजीनियर नदारद, बिना वाइब्रेटर मशीन के ही बिछा दी ढलाई; मजदूरों व मिस्त्री ने भी कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

सीतापुर/सरगुजा: सरगुजा जिले की सीतापुर विधानसभा में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला क्षेत्रीय विधायक रामकुमार टोप्पो के गृह ग्राम का है, जहां कोटछाल से कुनकुरी पहुंच मार्ग तक बन रही सीसी सड़क के घटिया निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। आदिम जाति विकास प्राधिकरण मद से लगभग 8 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत इस मार्ग में खुलेआम तकनीकी मापदंडों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य पर केवल स्थानीय राहगीरों ने ही नहीं, बल्कि काम में लगे राजमिस्त्री और मजदूरों तक ने सामग्री और तकनीक को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थल पर जिम्मेदार सब-इंजीनियर या तकनीकी अमला कभी नजर नहीं आता, जिसके चलते ठेकेदार मनमाने तरीके से काम करा रहा है।

बिना वाइब्रेटर चल रहा काम, मजबूती पर संशय

सीसी सड़क की मजबूती के लिए सबसे अनिवार्य प्रक्रिया कंक्रीट वाइब्रेटर का उपयोग करना होता है, ताकि गिट्टी और सीमेंट के बीच खाली जगह (एयर पॉकेट्स) न रहे। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण स्थल पर वाइब्रेटर मशीन का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है। तकनीकी मानकों की इस अनदेखी से सड़क की उम्र और मजबूती पर सीधा असर पड़ना तय है। लोगों का कहना है कि पहली बारिश में ही इस सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगेंगी।

जब विधायक के गांव का यह हाल, तो बाकी क्षेत्र में क्या?

गौरतलब है कि सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो क्षेत्र में घटिया सड़क व पुल-पुलिया निर्माण को लेकर पूर्व में कई बार अधिकारियों व ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगा चुके हैं। ऐसे में खुद उनके अपने गृह ग्राम में निर्माण एजेंसी द्वारा की जा रही लापरवाही चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब स्थानीय विधायक के गांव में ही एजेंसियां इस तरह का घटिया काम कराने का दुस्साहस कर रही हैं, तो दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

तकनीकी जांच और कार्रवाई की उठी मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क की ढलाई में इस्तेमाल सामग्री (सीमेंट, रेत और गिट्टी के अनुपात) की लैब जांच कराई जाए और कार्यस्थल पर तकनीकी अधिकारी की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। घटिया काम कराने वाली एजेंसी पर कार्रवाई की मांग करते हुए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानकों के अनुरूप सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो वे काम बंद कराकर उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत करेंगे।

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