‘घोषणाओं का बजट, समाधान गायब’ युवाओं और आम जनता को साधने में नाकाम रहा केंद्रीय बजट
सूरजपुर भटगांव :- प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर विपक्ष की ओर से युवा सोशल मीडिया कांग्रेस नेता विनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 की घोषणाओं से एक बार फिर आम जनता, खासकर युवाओं को निराशा ही हाथ लगी है। वित्त मंत्री ने कई योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन एक स्पष्ट और भरोसेमंद रोडमैप के अभाव में यह समझ पाना मुश्किल है कि आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर कितने और किस स्तर पर उपलब्ध होंगे।
सरकार की पिछली रोजगार संबंधी घोषणाओं की समीक्षा आज तक पारदर्शी रूप से सामने नहीं लाई गई है। कितने रोजगार सृजित हुए और कितने काग़ज़ों में ही सीमित रह गए ऐसे में underemployment की समस्या के बीच युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वैश्विक परिस्थितियों के कारण आर्थिक अस्थिरता और घरेलू आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए सरकार से उम्मीद थी कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, लेकिन ऐसी कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आई है। आम आदमी पहले से ही महंगाई से परेशान है फिर भी महंगाई नियंत्रण के लिए कोई सशक्त और ठोस उपाय इस बजट में दिखाई नहीं देते।
महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को लेकर योजनाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। खेती-किसानी के लिए भी अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के दावे किए जाते हैं, परंतु सरकार की उदासीनता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों, जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ भी नई बड़ी परियोजनाओं की घोषणाओं का अभाव निराशाजनक है और जनता के साथ धोखे जैसा प्रतीत होता है। यह एक चुनावी बजट है वास्तविकता में संतुलित विकास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और यह आने वाले दिनों में केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित रह गया है।