निलेश सोनी
सोनहत (एमसीबी)। सोनहत विकासखंड के अंतर्गत संचालित महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना में कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि रजौली और भैंसवार सेक्टर में आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित पर्यवेक्षण नहीं हो रहा, जिससे महिलाओं और बच्चों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि विशेष रूप से भैंसवार और रजौली सेक्टर में नियुक्त सुपरवाइजर का नियमित दौरा नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर निरीक्षण न होने से पोषण आहार वितरण, स्वास्थ्य जांच और अन्य योजनाओं के संचालन में बाधा आ रही है। इससे बच्चों के पोषण स्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि निगरानी तंत्र कमजोर पड़ने से आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले को लेकर जब जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा परियोजना अधिकारी से चर्चा की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। परियोजना अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन सुपरवाइजरों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित एवं पारदर्शी निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। पोषण आहार एवं अन्य योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन हो। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की योजनाएं तभी सफल होंगी जब जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि क्या आश्वासन धरातल पर उतर पाएगा या मामला सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगा।