वन क्षेत्र में अवैध कब्जे का आरोप, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, रेंजर–फॉरेस्ट गार्ड पर मिलीभगत का आरोप, जांच के निर्देश…!
वन भूमि पर घमासान: 20 एकड़ क्षेत्र छोड़ने के आरोप, ग्रामीणों ने CCF कार्यालय का घेराव
खालिबा में वन भूमि पर संग्राम, ग्रामीणों ने चेताया कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तेज
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर – सरगुजा वन मंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र अंबिकापुर के बीट खालिबा में वन भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग के रेंजर और फॉरेस्ट गार्ड पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मिलीभगत कर 20 एकड़ से अधिक वन भूमि को छोड़ दिया गया तथा नई जगह पर अवैध रूप से सीपीटी (कंटूर ट्रेंच) गड्ढे खोदे जा रहे हैं। मामले की शिकायत लेकर सोमवार को ग्राम खालिबा के ग्रामीण बड़ी संख्या में मुख्य वन संरक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
क्या हैं आरोप?
ग्रामीणों के अनुसार पुराने सीपीटी गड्ढों की खुदाई न कर करीब 20 एकड़ वन भूमि को जानबूझकर छोड़ दिया गया। गांव के निस्तार एवं आवागमन मार्ग को बंद कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। विरोध करने पर वन कर्मियों द्वारा सुनवाई नहीं की गई, बल्कि धमकाने की बात भी सामने आई है। वन भूमि और जंगल की सुरक्षा को लेकर गांव की महिलाएं भी बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हुईं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वन क्षेत्र में अवैध कब्जा और भूमि के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन हरकत में
शिकायत मिलने के बाद मुख्य वन संरक्षक सरगुजा दिलराज प्रभाकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वनमंडलाधिकारी सरगुजा को त्वरित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई तो उनके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बढ़ सकता है आंदोलन
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासनिक जांच के आदेश के बाद क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।