नाबालिग स्टंटबाज बेखौफ क्यों? अभिभावक, सिस्टम या कानून – दोषी कौन?
कार्रवाई बेअसर या सिस्टम लाचार? अंबिकापुर में स्टंटबाजों के हौसले बुलंद
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर। शहर में सरेआम स्टंटबाजी कर कानून व्यवस्था को चुनौती देना एक वाहन मालिक को भारी पड़ गया। थाना गांधीनगर क्षेत्र अंतर्गत मेन रोड नावापारा में नाबालिग द्वारा खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन जप्त कर लिया और वाहन स्वामी पर ₹37,000 का अर्थदंड लगाया गया है। यह पूरी कार्रवाई सरगुजा पुलिस द्वारा डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में की गई।
क्या है मामला?
पुलिस को सूचना मिली कि नावापारा मेन रोड पर एक एमजी हैक्टर (क्रमांक CG/15/EE/5665) में कुछ युवक स्टंटबाजी कर रहे हैं। चालक नाबालिग था और अपने अन्य नाबालिग साथियों को वाहन के बाहर की ओर बैठाकर खतरनाक तरीके से वाहन चला रहा था। इस लापरवाही से आमजन में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था।
सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और वाहन को कब्जे में लेकर नाबालिगों के परिजनों को थाना तलब किया।
कानूनी कार्रवाई
जांच के दौरान वाहन स्वामी द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
पुलिस ने निम्न धाराओं के तहत कार्रवाई की एमवी एक्ट धारा 4/181 एवं 184 – नाबालिग द्वारा वाहन चलाना व खतरनाक ड्राइविंग एमवी एक्ट धारा 199(A) एवं 5/180 – नाबालिग को वाहन उपलब्ध कराना
मामले में वाहन स्वामी जितेन्द्र सोनी (32 वर्ष), निवासी एमजी रोड पटपरिया, थाना गांधीनगर के विरुद्ध इस्तगासा तैयार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने वाहन मालिक को ₹37,000 के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही, वाहन मालिक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कराने की अग्रिम प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक सुभाष कुमार ठाकुर, आरक्षक रमन मंडल एवं घनश्याम देवांगन की सक्रिय भूमिका में यह कार्रवाई संपन्न हुई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्टंटबाजी, नाबालिगों को वाहन सौंपना एवं यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आमजन से अपील
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न दें। ऐसी लापरवाही न केवल कानूनी कार्रवाई का कारण बनती है, बल्कि मासूम जानों को भी खतरे में डालती है। सड़क पर स्टंट नहीं, सुरक्षा जरूरी है।