देशभर से जुटे हजारों प्रतिनिधि, पुरानी पेंशन बहाली व वित्त विधेयक 2025 वापसी की मांग
विशेष संवाददाता- एफ तिर्की
स्थानीय सैनी समाज धर्मशाला में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी पेंशनर्स फैडरेशन का द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन दो दिवसीय विचार-विमर्श के बाद सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में देशभर से हजारों प्रतिनिधियों एवं पर्यवेक्षकों ने भाग लेकर पेंशनर्स से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर मंथन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने किया। अधिवेशन की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने की, जबकि संचालन महासचिव एन.एल. श्रीधरन ने किया।
अधिवेशन को प्रो. महावीर जागलान, सीटू की राष्ट्रीय सचिव ए.आर. सिन्धु, अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह, सीटू महासचिव जयभगवान, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री सहित अनेक श्रमिक व किसान नेताओं ने संबोधित किया। हरियाणा के राज्य प्रधान वजीर सिंह ने प्रतिनिधियों एवं अतिथियों का स्वागत किया।
केंद्र की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया
वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि किसान, मजदूर, कर्मचारी और पेंशनर्स के अधिकारों पर निरंतर प्रहार हो रहा है। सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण से रोजगार के अवसर घट रहे हैं और सामाजिक सुरक्षा कमजोर हो रही है।
अधिवेशन में निम्न प्रमुख मांगें पारित की गईं—
वित्त विधेयक 2025 को वापस लिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का लाभ 31-12-2025 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी दिया जाए।
पेंशन कम्यूटेशन अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष की जाए।
रेल, हवाई, वोल्वो व एसी बसों में रियायत बहाल की जाए।
चारों नए श्रम कानून रद्द किए जाएं।
पेंशन पर आयकर समाप्त किया जाए।
नई केंद्रीय कमेटी का गठन
दूसरे दिन महासचिव ने सांगठनिक तथा कोषाध्यक्ष ने वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर राज्य प्रतिनिधियों ने चर्चा कर सर्वसम्मति से पारित किया। आगामी तीन वर्षों के लिए नई केंद्रीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें सुरेंद्र चौधरी (बिहार) अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ से अनंत सिंहा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं आर.के. थवाईत राष्ट्रीय सचिव, वजीर सिंह (हरियाणा) महासचिव तथा अरुणा घोष (पश्चिम बंगाल) वित्त सचिव निर्वाचित हुए।
समापन अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने साझा संघर्ष को और तेज करने का आह्वान करते हुए घोषणा की कि 26 फरवरी को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन तथा 21 अप्रैल को ‘मांग दिवस’ के रूप में देशव्यापी आंदोलन आयोजित किए जाएंगे। इस आशय की जानकारी सरगुजा जिला अध्यक्ष मोहम्मद हाफ़िज़ खान एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अनंत सिंहा ने जारी की है।