रवि चंद्र पांडेय
सूरजपुर। राजस्व पटवारी संघ के आंदोलन और हड़ताल को अब सामाजिक स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता विशाल दुबे हड़ताल स्थल पहुंचे और आंदोलनरत पटवारियों के बीच बैठकर उनकी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से पटवारी संघ की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की, ताकि आंदोलन समाप्त हो और आम जनता को राहत मिल सके।
धरना स्थल पर पटवारियों को संबोधित करते हुए विशाल दुबे ने कहा कि पटवारी राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर लंबे समय तक निर्णय लंबित रहना चिंता का विषय है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करने तथा सम्मानजनक समाधान निकालने का आग्रह किया।
हड़ताल से किसान और ग्रामीण परेशान
विशाल दुबे ने कहा कि हड़ताल का असर अब आम लोगों के रोजमर्रा के जरूरी कामों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर जमीन से जुड़े फौती एवं नामांतरण जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसका खामियाजा किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। जरूरी दस्तावेजों के लिए लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आम जनता, किसानों और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस गतिरोध का जल्द समाधान किया जाए। सरकार और पटवारी संघ के बीच सार्थक बातचीत के माध्यम से ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों की मांगों पर उचित विचार हो और राजस्व संबंधी सेवाएं दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सकें।
संवाद से समाधान की अपील
सामाजिक कार्यकर्ता विशाल दुबे ने कहा कि आंदोलनरत कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान और आम जनता को राहत देना, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने राज्य सरकार से संवेदनशीलता के साथ पहल करने की अपील की, ताकि सहमति के आधार पर हड़ताल समाप्त हो और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित कार्यों का शीघ्र निराकरण किया जा सके।
इस अवसर पर राजस्व पटवारी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



