अम्बिकापुर, 11 अक्टूबर। आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों में अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार आवेदन महीनों तक लंबित रहते हैं, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती कि उनका काम क्यों रुका है और कब तक पूरा होगा। इस स्थिति से आम लोगों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इन्हीं समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से “सिस्टम परिवर्तन मोर्चा " पहल की शुरुआत की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की आवाज़ बनना, लंबित शासकीय कार्यों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जवाब माँगना तथा प्रत्येक कार्य की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कराने की दिशा में प्रयास करना है।
“सिस्टम परिवर्तन मोर्चा” के माध्यम से ऐसे नागरिकों की समस्याएँ संबंधित सक्षम अधिकारियों तक पहुँचाई जाएँगी, जिनके आवेदन लंबे समय से लंबित हैं या जिन्हें शासकीय कार्यालयों में अनावश्यक देरी और प्रक्रियागत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन का मानना है कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित होना आवश्यक है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार के कारण जनता को आर्थिक या मानसिक नुकसान होता है, तो केवल निलंबन तक कार्रवाई सीमित न रहे। नियमानुसार जिम्मेदारी तय करने और नुकसान की भरपाई की व्यवस्था के लिए भी आवाज़ उठाई जानी चाहिए।
“सिस्टम परिवर्तन मोर्चा” किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से कार्य करना चाहता है।
संगठन आम नागरिकों से अपील करता है कि जिनके शासकीय आवेदन लंबित हैं, जिनका काम लंबे समय से नहीं हो रहा है या जिन्हें सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वे अपनी समस्या और संबंधित दस्तावेज़ों के साथ “सिस्टम परिवर्तन मोर्चा” से 8889842621 पर संपर्क कर सकते 2। संगठन उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने तथा समाधान के लिए नियमानुसार प्रयास करेगा।
“सिस्टम परिवर्तन मोर्चा” का संकल्प है—हर शासकीय कार्य की समय-सीमा तय हो, हर जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेह हो और आम नागरिक को अपने अधिकारों के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।
— “सिस्टम परिवर्तन मोर्चा”
सवाल से जवाबदेही तक, जवाबदेही से समाधान तक।



