देशभर के पत्रकारों, समाजसेवियों, कलाकारों और एक्टिविस्टों का जुटा अभूतपूर्व संगम
द एक्टिविस्ट नेशनल अवार्ड 2026: सामाजिक चेतना और लोकतांत्रिक संवाद का भव्य मंच बना अंबिकापुर
अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी एवं जनआंदोलनों की धरती अंबिकापुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई। जनसरोकार, पत्रकारिता, सामाजिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों को समर्पित दो दिवसीय भव्य आयोजन ने अंबिकापुर को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया। “साउथ एशिया जनसरोकार सम्मान 2026” एवं “द एक्टिविस्ट नेशनल अवार्ड 2026” के रूप में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और वैचारिक जागरण का ऐतिहासिक महाकुंभ साबित हुआ।
आदिवासी बाहुल्य सरगुजा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज, पत्रकारिता, शिक्षा, संस्कृति, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और जनहित के लिए कार्य कर रहे व्यक्तित्वों को एक साझा मंच प्रदान करना था। देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों, समाजसेवियों, जनआंदोलनकारियों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों, फिल्म जगत की हस्तियों, संपादकों, मीडिया प्रतिनिधियों और एक्टिविस्टों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता द एक्टिविस्ट सोशल वेलफेयर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक आदित्य गुप्ता (पिंटू) तथा जन सरोकार ट्रस्ट की अध्यक्ष कविता झा ने की। आयोजन का शुभारंभ सरस्वती वंदना, राष्ट्रगीत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
समारोह में विशेष आकर्षण के रूप में प्रख्यात फिल्म निर्देशक अविनाश दास, बैंडिट क्वीन फेम अभिनेता अजय रोहिल्ला, उल्लू टीवी आजमगढ़ के प्रख्यात राजीव तलवार, रांची के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रभात कुमार, चर्चित सिने अभिनेत्री एवं मिस छत्तीसगढ़ रुना शर्मा, वरिष्ठ संपादक कुमार नरेंद्र सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता विवियना लकड़ा, शबाना, कृष्ण कांत वत्स सहित देशभर से आए अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान “द एक्टिविस्ट ऐप” का भव्य शुभारंभ तथा “जागरण रथ अभियान” का उद्घाटन भी किया गया। इन पहलों का उद्देश्य डिजिटल जनजागरण, सामाजिक चेतना, नागरिक सहभागिता और जनआवाज को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा प्रदान करना है।
दो दिवसीय आयोजन में पत्रकारिता के 200 वर्षों की यात्रा, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, बदलते जनसरोकार, सामाजिक संघर्ष, मानवाधिकार, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा एवं विचार-विमर्श हुआ। देशभर से आए वरिष्ठ संपादकों, पत्रकारों और सामाजिक चिंतकों ने वर्तमान समय में पत्रकारिता की चुनौतियों और जनपक्षधर मीडिया की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब पत्रकारिता जनसरोकारों से जुड़ी रहे और समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सके। इसी उद्देश्य से यह आयोजन सामाजिक चेतना, वैचारिक संवाद और सकारात्मक परिवर्तन के लिए एक मजबूत मंच के रूप में उभरा है।
आयोजन समिति के अनुसार यह पहल भविष्य में भी जारी रहेगी और देशभर के सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, शोधकर्ताओं एवं एक्टिविस्टों को एक साझा मंच प्रदान करेगी। समिति ने शिक्षा, सामाजिक विकास, युवा नेतृत्व, जनजागरण और नागरिक अधिकारों से जुड़े अनेक राष्ट्रीय कार्यक्रमों की भी घोषणा की।
कार्यक्रम की सफलता में राष्ट्रीय महानिदेशक राजीव लोचन पाठक (राजा), राष्ट्रीय महासचिव सतेन्द्र पाण्डेय, कार्यक्रम निदेशक विनोद सोनी, विक्की गुप्ता, साइबर सुरक्षा निदेशक मुकेश निराला, आर्यन पाण्डेय, अमिता पाठक, सुमित्रा पैकरा, आशा किरण, ज्योति गुप्ता, प्रिया पाण्डेय, रवि पाण्डेय, शब्बीर अंसारी, हरदयाल तिर्की, संदीप मिंज सहित सैकड़ों मीडिया मित्रों, स्वयंसेवकों और एक्टिविस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अंबिकापुर में आयोजित यह ऐतिहासिक महाकुंभ अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। सामाजिक चेतना, पत्रकारिता, जनसंवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों को समर्पित यह आयोजन आने वाले समय में देश के जनआंदोलनों और वैचारिक जागरण की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।