अंबिकापुर में देशभर के संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों का ऐतिहासिक जुटान, जनपक्षीय पत्रकारिता को नई दिशा देने का संकल्प..!
अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक नगर अंबिकापुर में 30 एवं 31 मई को आयोजित राष्ट्रीय पत्रकार संगम ने देशभर के मीडिया जगत को एक साझा मंच पर लाकर पत्रकारिता, जनसरोकार और राष्ट्र निर्माण के प्रति नई प्रतिबद्धता का संदेश दिया। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के संस्थापक, प्रधान संपादक, मीडिया समूहों के प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ पत्रकार इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।
कार्यक्रम की शुरुआत सरगुजा अंचल की आराध्य देवी मां महामाया के आशीर्वाद के साथ हुई। आयोजन में शामिल वरिष्ठ पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने मां महामाया मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया तथा राष्ट्र, समाज, लोकतंत्र, पत्रकारिता और जनकल्याण के लिए मंगलकामना की।
इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कई प्रतिष्ठित संपादक एवं पत्रकार उपस्थित रहे, जिनमें श्री कपिल तिवारी (संस्थापक एवं प्रधान संपादक, डेली जनतावादी/जनता का मत), श्री राजेंद्र सिंह बघेल (प्रधान संपादक, दैनिक प्रदेश खबरदार), श्री अक्षय कुमार परमार (संपादक, दैनिक प्रदेश लोकमंत्र), श्री राजेंद्र सिंह जादौन (संस्थापक एवं प्रधान संपादक, सर्च स्टोरी मीडिया ग्रुप), श्री राम बाबू चौबे (समूह संपादक, दैनिक सर्वोच्च सत्ता), श्री बंटी शर्मा (प्रबंध संपादक, प्रथम प्रहरी टाइम्स एवं संभागीय प्रमुख, मध्य प्रदेश ट्राइबल अंचल एक्सप्रेस), श्री राहुल सिंह राणा (संपादक, जनसंपर्क एक्सप्रेस शहडोल) तथा वरिष्ठ पत्रकार सुधीर आजाद तंबोली प्रमुख रूप से शामिल रहे।
मां महामाया के पावन दरबार में एकत्रित इन पत्रकारिता पुरोधाओं ने सत्य, निष्पक्षता, जनसरोकार और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित संपादकों और मीडिया प्रतिनिधियों ने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाती है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे दौर में विभिन्न राज्यों के मीडिया संस्थानों और संपादकों का एक मंच पर एकत्रित होना पत्रकारिता की एकता, संवाद और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। यह संगम केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनपक्षीय पत्रकारिता को नई ऊर्जा और नई दिशा देने का माध्यम भी बना।
दो दिवसीय आयोजन के दौरान पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, सामाजिक सरोकार, जनआंदोलन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने इस बात पर बल दिया कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को व्यवस्था तक पहुंचाना और जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना है।
आयोजन में शामिल पत्रकारों और संपादकों ने विश्वास व्यक्त किया कि अंबिकापुर से उठी यह सकारात्मक पहल आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता, जनसरोकार और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी।
मां महामाया का आशीर्वाद, पत्रकारिता का सम्मान और राष्ट्रहित का संकल्प—इन्हीं मूल भावनाओं के साथ अंबिकापुर में आयोजित यह राष्ट्रीय संगम पत्रकारिता जगत के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव बन गया।