पत्रकारिता और जनआंदोलन की बुलंद आवाज़ बनेगा अम्बिकापुर, 30-31 मई को ऐतिहासिक आयोजन..!
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं जनआंदोलन की धरती अम्बिकापुर एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। आगामी 30 एवं 31 मई 2026 को माता राजमोहनी भवन, अम्बिकापुर में आयोजित होने जा रहा “South Asia Jan Sarokar Samman Samaroh 2026” एवं “The Activist National Award 2026” केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि जनसरोकार, पत्रकारिता, सामाजिक चेतना, लोकतंत्र और मानवाधिकार के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने वाला ऐतिहासिक महाकुंभ बनने जा रहा है।
इस भव्य आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से पत्रकार, समाजसेवी, जनआंदोलनकारी, बुद्धिजीवी, कलाकार, फिल्म जगत की हस्तियां, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े हजारों लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य उन व्यक्तित्वों को सम्मानित करना है जिन्होंने समाज, पत्रकारिता, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय, शिक्षा, संस्कृति एवं जनहित के मुद्दों पर उल्लेखनीय कार्य किया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनसरोकार ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती कविता झा एवं “The Activist” के फाउंडर श्री आदित्य गुप्ता करेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ शासन के कई कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक एवं राष्ट्रीय स्तर की विशिष्ट हस्तियां इस आयोजन में शामिल होकर इसकी गरिमा बढ़ाएंगी।
विशेष आकर्षण के रूप में बॉलीवुड एवं फिल्म जगत से अभिनेता अजय रोहिल्ला, प्रख्यात फिल्म निर्देशक अविनाश दास एवं अभिनेता-निर्देशक राज वर्मा की उपस्थिति कार्यक्रम को राष्ट्रीय पहचान प्रदान करेगी। साथ ही देशभर से आए प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के संपादक एवं पत्रकार लोकतंत्र और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर अपने विचार साझा करेंगे।
इस आयोजन में “The Activist Apps” की लॉन्चिंग एवं “जागरण रथ” का उद्घाटन भी किया जाएगा, जिसका उद्देश्य डिजिटल जनजागरण, सामाजिक चेतना एवं जनआवाज को नई दिशा देना है।
कार्यक्रम में पत्रकारिता के 200 वर्षों, जनसरोकारों के बदलते स्वरूप, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका, सामाजिक संघर्ष, मानवाधिकार एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विशेष चर्चा एवं विमर्श आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक चेतना, सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्रीय संवाद का एक बड़ा मंच सिद्ध होगा। अम्बिकापुर में होने जा रहा यह आयोजन आने वाले समय में जनआंदोलन और वैचारिक जागरण की नई दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।
देशभर की निगाहें अब इस भव्य आयोजन पर टिकी हैं, जहां जनसरोकार, संघर्ष, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना की आवाज एक मंच पर दिखाई देगी।