सोनहत- कोरिया जिला में श्री शिव महापुराण कथा एवं शिव-पार्वती विवाह महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। महादेव सेवा समिति, सोनहत के तत्वावधान में आयोजित इस पावन आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। कथा मंच से “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।
श्रीधाम वृंदावन से पधारे पूज्य कथावाचक आचार्य श्री विनयकांत त्रिपाठी जी ने अपने श्रीमुख से शिव महापुराण की दिव्य कथा का रसपान कराया। कथा पंडाल में शिवभक्ति, वैराग्य और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर को सेवा और संवेदना का स्वरूप देते हुए क्षेत्र की विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह (भरतपुर-सोनहत) की विशेष पहल पर दो अनाथ संतानों का विवाह वैदिक रीति-रिवाज एवं पूर्ण सम्मान के साथ संपन्न कराया गया। चौथे दिन आयोजित इस विशेष वैवाहिक समारोह में अनाथ वर भवन कुमार नागवंशी, सुपुत्र स्व. श्री रामदीन, ग्राम बेलिया का विवाह अनाथ वधु जगमन सूर्यवंशी, सुपुत्री स्व. श्री बालकेश्वर, ग्राम छीगुरा के साथ विधि-विधान से संपन्न हुआ।
विधायक श्रीमती रेणुका सिंह स्वयं उपस्थित रहीं और नवदंपति को स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने घोषणा की कि इस नवविवाहित जोड़े के गृहस्थ जीवन की सुदृढ़ शुरुआत हेतु ₹2,51,000 (दो लाख इक्यावन हजार रुपये) की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी, ताकि उनके घर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रेणुका सिंह ने कहा,
“शिव-पार्वती विवाह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आदर्श गृहस्थ जीवन, नारी सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश है। वंचित वर्ग की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
प्रतिदिन रात्रि भंडारा एवं प्रसाद वितरण की भव्य व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर अनुशासन, सेवा-भाव और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
शिव-पार्वती विवाह महोत्सव ने जहां धार्मिक आस्था को प्रगाढ़ किया, वहीं दो अनाथ संतानों के विवाह ने यह सशक्त संदेश दिया कि जब जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता और सेवा-भाव से आगे आते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जाती है। नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते समय पूरा पंडाल भावुक हो उठा। विधायक रेणुका सिंह ने कहा कि “नारी सम्मान और सामाजिक संरक्षण ही सच्ची शिवभक्ति है।