कटवार पंचायत में सामग्री सहित भुगतान नहीं होने पर कलेक्टर से शिकायत, मजदूरों में आक्रोश
मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर (एमसीबी)।
जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कटवार में विकास कार्यों के नाम पर मजदूरों और स्थानीय वेंडरों के हक के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। मनरेगा सहित अन्य निर्माण कार्यों में लगे ग्रामीणों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का आरोप है कि लंबे समय से मजदूरी एवं सामग्री भुगतान लंबित है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों व वेंडरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एमसीबी कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई और बकाया राशि के भुगतान की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय वेंडर बृजकिशोर यादव ने लिखित शिकायत में बताया कि पंचायत में किए गए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु उपलब्ध कराई गई ₹3.99 हजार की सामग्री का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उनका कहना है कि बीते 2 से 3 वर्षों के दौरान पंचायत के कार्यों में सामग्री प्रदाय की गई, लेकिन बार-बार मांग करने पर सचिव द्वारा गोलमोल जवाब देकर भुगतान टाल दिया जाता है। इससे वे आर्थिक रूप से पीड़ित और असहाय हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों का भुगतान अटका हुआ है, जिससे स्थानीय सप्लायरों के साथ-साथ मजदूरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भुगतान में देरी के कारण कई परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
सचिव की कार्यशैली पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव माह में बहुत कम दिनों के लिए पंचायत आते हैं, जिसके चलते मूलभूत समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हो पाता। इससे आमजन को बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों ने सचिव की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों और वेंडरों ने मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और लंबित मजदूरी व सामग्री भुगतान शीघ्र कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भुगतान नहीं हुआ, तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार और मजदूरों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ितों को कब न्याय मिलता है।