ठगी का जाल बढ़ा, जागरूकता ही बचाव साइबर एक्सपर्ट्स मुकेश निराला का संदेश
साइबर अवेयरनेस के लिए एक्सपर्ट टीम तैयार, गांव-गांव पहुंचेगा जागरूक अभियान, ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने पंचायत से शहर तक चलेगी साइबर मुहिम…!
छात्रों और युवाओं को बनाया जाएगा साइबर सेफ, कॉलेजों में चलेगा अभियान
विशेष रिपोर्ट| योगेश निराला
अंबिकापुर। ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सरगुजा संभाग में साइबर अवेयरनेस को लेकर एक ठोस और व्यापक पहल की शुरुआत होने जा रही है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एक्टिविस्ट और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने निर्णय लिया है कि अब जागरूकता अभियान पंचायत स्तर से शुरू कर स्कूल, कॉलेज, चौक-चौराहों और आम सभाओं तक चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ग्राउंड लेवल पर शिविर और कैंप लगाकर लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने की व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी। डिजिटल युग में बैंकिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन सेवाओं का बढ़ता उपयोग देखते हुए यह अभियान हर उस व्यक्ति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो मोबाइल या इंटरनेट का इस्तेमाल करता है।
संस्था के संभागीय तकनीकी प्रभारी एवं साइबर एक्सपर्ट मुकेश निराला ने बताया कि टीम पूरी तरह से तैयार है और सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरों तक प्रत्येक पंचायत, स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर आम लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज साइबर सिक्योरिटी केवल आईटी प्रोफेशनल्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि हर डिजिटल यूजर के लिए अनिवार्य हो चुकी है। अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया जाएगा कि यदि उनके साथ कोई ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए या किसी मैसेज, कॉल या लिंक पर संदेह हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। वे अपनी समस्या साझा कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही यह सख्त हिदायत दी जाएगी कि मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक डिटेल, पासवर्ड, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें।
साइबर एक्सपर्ट्स द्वारा लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि कोई भी बैंक या सरकारी अधिकारी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता।
अनजान लिंक पर क्लिक करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से सावधान रहें। अनजान वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग का जरिया हो सकती है। “घर बैठे कमाई” जैसे लालच भरे ऑफर अक्सर ठगी होते हैं। अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए, तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की जानकारी भी अभियान का अहम हिस्सा होगी।
एक्टिविस्ट टीम के अभियान प्रमुख आदित्य गुप्ता का कहना है कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर जन आंदोलन है, जिसका उद्देश्य समय रहते लोगों को सतर्क कर उनकी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना है। साइबर अवेयरनेस की यह मुहिम आने वाले दिनों में सरगुजा संभाग में एक मिसाल बनने की उम्मीद है।