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समाजसेवा — मानव जीवन का सबसे बड़ा गुण

Archive ID #30
समाजसेवा — मानव जीवन का सबसे बड़ा गुण

समाज सेवा वह अमूल्य कार्य है जिससे व्यक्ति की याद सदैव लोगों के दिलों में बनी रहती है। समाज में गरीबों की सेवा करना, कुप्रथाओं और भेदभाव को दूर करना हमारा कर्तव्य है। सही दिशा में छोटे-छोटे प्रयास से बड़ा बदलाव संभव है।

FIR के विरोध में करणी सेना ने किया मंदसौर एसपी कार्यालय का घेराव

राजेश चौधरी
मंदसौर। करणी सेना अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर पर मंदसौर जिले के भावगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इसके विरोध में शनिवार को जीवन सिंह शेरपुर अपने हजारों समर्थकों के साथ मंदसौर एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की व एफआईआर वापस लेने और पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच हल्की झूमाझटकी भी हुई। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने कहा कि कानून का पालन करना हमारी जवाबदारी है। कोर्ट ने आपके खिलाफ गिरफ्तारी वारंटी जारी किया है, जिसके चलते हमें गिरफ्तारी करनी होगी।
वही जीवन सिंह शेरपुर ने कहा, जब तक एफआईआर नहीं हटाई जाएगी और केस दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया जाएगा, तब तक हम नहीं हटेंगे। पुलिस झूठे मुकदमे दायर कर रही है। वह आरोपियों को जानते जरूर हैं, लेकिन आरोपी पक्ष मेरा कोई लेना-देना नहीं है। प्रशासन जानबूझकर हमे अपराधी बनाना चाह रहा है। हालांकि प्रर्दशन के बाद पुलिस ने आश्वाशन दिया की इस मामले की जांच की विस्तृत जाएगी जिसके बाद जीवन सिंह शेरपुर ने पुलिस को अपनी गिरफ्तारी प्रस्तुत की है, जहा से उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा। जिसके बाद उन्हे जमानत मिल पायेगी।

प्रदर्शन के दौरान मीडिया कर्मी से मारपीट –

एक तरफ जहां जीवन सिंह शेरपुर के समर्थन में एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन चल रहा था उसी दौरान कुछ समर्थकों ने मीडिया कर्मी गोलू चौहान के साथ बदसलूकी और मारपीट की, इसके बाद मंदसौर जिले के पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा और आक्रोश जताते हुए आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की। वही जीवन सिंह शेरपुर ने भी इस घटना की जानकारी मिलने पर तुरन्त मीडिया कर्मियो से माफ़ी मांगते हुए इस प्रकार की घटना को गलत बताया।

यह था मामला –

शराब ठेकेदार ने आरोप लगाएं हे की 26 जून को जीवन सिंह शेरपुर के साथी पुष्पेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह और नागेंद्र सिंह ने ठेके पर पहुंचकर कर्मचारियों को धमकाया की हर महीने 1 लाख रुपए दोगे, तभी ठेका चलेगा। मना करने पर कर्मचारियों के साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दी और कहा कि हम जीवन सिंह शेरपुर के आदमी हैं। मारपीट में कर्मचारी पुष्कर को गंभीर चोट आई है, जो अस्पताल में भर्ती है। भावगढ़ पुलिस ने उसी दिन SC-ST एक्ट, रंगदारी और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसके बाद मंदसौर कोर्ट ने जीवन सिंह की गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

एसपी बोले जीवन सिंह के खिलाफ 12 केस दर्ज

एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि मामले में इस 7 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें जीवन सिंह शेरपुर, पुष्पेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, नागेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, सचिन और देवी सिंह शामिल हैं। शेरपुर के खिलाफ मंदसौर, रतलाम और नीमच जिलों में पहले से 12 केस दर्ज हैं। वहीं, मंदसौर कोर्ट ने जीवन सिंह शेरपुर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है।

जीवन सिंह बोले- ये राजनीतिक साजिश है

जीवन सिंह शेरपुर ने मीडिया को बताया की प्रशासन जानबूझकर अपराधी बनाना चाह रहा है। पुलिस उन पर झूठे मुकदमे दायर कर रही है। वह आरोपियों को जानते जरूर हैं लेकिन उनका आरोपी पक्ष से कोई लेना-देना नहीं है। जीवन सिंह शेरपुर ने यह भी कहा कि वह निर्दोष है तभी आज समर्थको के साथ पुरे तथ्यों और सबूतों के साथ एसपी साहब के पास न्याय मांगने आए हैं, इस मामले की जांच कर उन्हे मिलना चाहिए ।