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अम्बिकापुर के ऐतिहासिक मंच से सम्मानित हुए समाज परिवर्तन के अग्रदूत

Archive ID #2081
अम्बिकापुर के ऐतिहासिक मंच से सम्मानित हुए समाज परिवर्तन के अग्रदूत

छत्तीसगढ़ के अनमोल रत्नों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

जनसेवा, महिला सशक्तिकरण, संस्कृति संरक्षण और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियां हुईं सम्मानित

आदित्य गुप्ता

अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी अंबिकापुर में आयोजित “द एक्टिविस्ट नेशनल अवार्ड 2026” एवं “साउथ एशिया जनसरोकार सम्मान” समारोह में समाज परिवर्तन, जनसेवा, महिला सशक्तिकरण, पत्रकारिता, संस्कृति संरक्षण, लोककला संवर्धन तथा जनजातीय अस्मिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रदेश के चुनिंदा व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को समर्पित रहा जिन्होंने दूरस्थ ग्रामीण अंचलों, जनजातीय क्षेत्रों और समाज के वंचित वर्गों के बीच पहुंचकर सेवा, जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन की अलख जगाई है। चयन समिति द्वारा उनके दीर्घकालिक सामाजिक योगदान, जनहितकारी कार्यों और समाज में सकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सम्मान के लिए चयन किया गया।

लोककला और संस्कृति संरक्षण की अग्रदूत दीप्ति ओग्रे सम्मानित

सुरुज ट्रस्ट की संस्थापक दीप्ति ओग्रे को बस्तर की लोककला, संस्कृति और सामाजिक चेतना को नई पहचान दिलाने के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने, लोकसंस्कृति के संरक्षण तथा ग्रामीण समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों ने बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं पायल नागरानी

वैदेही सोशल वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक सुश्री पायल नागरानी को महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजन कल्याण, वरिष्ठ नागरिक सेवा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक समय से किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। “वैदेही अपराजित अवार्ड” के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की उनकी पहल समाज में सकारात्मक नेतृत्व और आत्मविश्वास का संदेश दे रही है।

पत्रकारिता और छत्तीसगढ़ी अस्मिता के प्रहरी गजेंद्ररथ वर्मा

छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ फिल्म एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्ररथ वर्मा को पत्रकारिता, साहित्य, सिनेमा, मातृभाषा और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जल, जंगल, जमीन और छत्तीसगढ़िया पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में उनके सतत प्रयासों को विशेष रूप से सराहा गया।

जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण विकास के संवाहक शकील रिज़वी

शकील रिज़वी को ग्रामीण पर्यटन, जनजातीय संस्कृति संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और कुपोषित बच्चों के हित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सेवा और समर्पण को मिला राष्ट्रीय मंच

समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सच्चा परिवर्तन बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि बड़े संकल्पों और निस्वार्थ सेवा से आता है। सम्मानित सभी व्यक्तित्वों ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर किए गए प्रयास ही वास्तविक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं।

कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि ऐसे सम्मान केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि उन मूल्यों का सम्मान हैं जो समाज को जोड़ते हैं, प्रेरित करते हैं और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। सम्मानित विभूतियों की जीवन यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का कार्य करेगी।

द एक्टिविस्ट नेशनल अवार्ड 2026 एवं साउथ एशिया जनसरोकार सम्मान ऐसे ही जननायकों, समाजसेवियों, सांस्कृतिक कर्मियों, पत्रकारों और सामाजिक चेतना के वाहकों को समर्पित है, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार की अपेक्षा के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। समारोह के अंत में द एक्टिविस्ट परिवार ने सभी सम्मानित व्यक्तित्वों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा निरंतर जनसेवा की कामना की।