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वनांचल में विकास या ठेकेदारी खेल?सड़क नहीं, भ्रष्टाचार की परत उखड़ी है!

Archive ID #1416
वनांचल में विकास या ठेकेदारी खेल?सड़क नहीं, भ्रष्टाचार की परत उखड़ी है!

करोड़ों की सड़क, महीनों की उम्र—जवाबदेही कौन लेगा?

साल भर भी नहीं टिक पाई करोड़ों की सड़क, डामर परत उखड़ी
ग्रामीणों में आक्रोश, गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग

बालोद (गुरुर)- बालोद जिले के गुरुर विकासखंड अंतर्गत दमकसा से पेटेचुआ मार्ग का निर्माण पूरा होने के महज एक माह के भीतर ही सड़क की पोल खुलने लगी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित 6.80 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर लगभग 4.50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी कमजोर है कि डामर की परत जगह–जगह से उखड़ने लगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क का निर्माण हर्ष कंस्ट्रक्शन, धमतरी द्वारा किया गया। कार्य स्थल पर लगे सूचना बोर्ड के मुताबिक निर्माण कार्य की शुरुआत 7 अप्रैल 2025 को हुई थी, जबकि 6 दिसंबर 2025 को कार्य पूर्ण होना दर्शाया गया है। हैरानी की बात यह है कि सड़क बने अभी एक माह भी नहीं बीता और डामर की परत इतनी कमजोर पाई जा रही है कि गिट्टियां हाथ से निकालने पर ही उखड़ रही हैं। सड़क के कई हिस्सों में उबड़–खाबड़ स्थिति साफ नजर आ रही है, जिससे आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। इससे न केवल ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले विभागीय इंजीनियरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह इलाका वनांचल क्षेत्र होने के कारण पर्याप्त निगरानी नहीं हुई, जिसका फायदा उठाकर ठेकेदार ने घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया। साथ ही कम समय में कार्य पूरा करने के दबाव में सड़क की गुणवत्ता से गंभीर समझौता किया गया, जिसका खामियाजा अब क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
वनांचल क्षेत्र में पहली बार इस मार्ग का निर्माण किया गया था, जिससे ग्रामीणों में खुशी की उम्मीद जगी थी, लेकिन सड़क की दुर्दशा ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है। वर्तमान स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार सहित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी एवं सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।