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कूट रचित दस्तावेजों से नौकरी पड़ी महंगी, दोषियों पर FIR, पात्रों को मिला न्याय

Archive ID #1305
कूट रचित दस्तावेजों से नौकरी पड़ी महंगी, दोषियों पर FIR, पात्रों को मिला न्याय

आंगनबाड़ी भर्ती घोटाले का खुलासा, फर्जी नियुक्तियां रद्द कर नए आदेश जारी

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आंगनबाड़ी सहायिका पद पर प्राप्त नियुक्ति कलेक्टर ने की निरस्त

भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी नहीं चलेगी…आंगनबाड़ी नियुक्ति प्रकरण में त्वरित जांच और कड़ी कार्रवाई, प्रशासन की सराहनीय पहल..!

आदित्य गुप्ता

बलरामपुर- जिले के शंकरगढ़ विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्र हेराटोली,कटहरपारा,धाजापाठ व डूमरपानी में फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत अरमाना पति शमशेर आलम, रिजवाना पति अमरूद्दीन, प्रियंका यादव पति आशीष यादव व सुशीला सिंह पति उमाशंकर की नियुक्ति को अपील प्रकरण में बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा द्वारा निरस्त किया गया है। उनके द्वारा 15 दिवस के भीतर पात्र अभ्यर्थी के पक्ष में नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना शंकरगढ़ को दिए गए थे, जिसके अनुपालन में परियोजना अधिकारी शंकरगढ़ द्वारा उक्तानुसार चारों आंगनबाड़ी केंद्रों में पात्र अभ्यर्थियों (अपीलार्थीगण) के पक्ष में नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र बहेराटोली में श्रीमती गायत्री पैकरा,कटहरपारा में अंजली तिर्की,धाजापाठ में सुषमा रवि व डूमरपानी में उर्मिला उरांव को आंगनबाड़ी सहायिका नियुक्त किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र बहेराटोली की अभ्यर्थी गायत्री पैकरा द्वारा की गई थी लिखित शिकायत : आंगनबाड़ी केंद्र बहेराटोली के अभ्यर्थी श्रीमती गायत्री पति हेमंत पैंकरा द्वारा आंगनबाड़ी भर्ती में हुए फर्जीवाड़ा की लिखित शिकायत अगस्त 2025 में कलेक्टर के समक्ष जनदर्शन में की गई। जिसके संबंध में विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी शंकरगढ़ को दिए गए थे।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बीईओ कुसमी,शंकरगढ़ एवं राजपुर को शामिल करते हुए संयुक्त जांच दल गठित किया गया। संयुक्त जांच दल ने एक-एक दस्तावेजों का बारीकी से जांच किया साथ ही भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तुत दस्तावेजों का विभिन्न कार्यालयों से समन्वय स्थापित कर शीघ्रता से सत्यापन कराया और फर्जी होने के सम्बन्ध में अन्य जानकारियां संकलित किया। संयुक्त जांचदल ने जांचोपरांत फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करने में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने एवं चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति निरस्त करने की अनुशंसा की थी। जिला शिक्षा अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी शंकरगढ़ के माध्यम से जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को प्राप्त होने पर उन्होंने दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने हेतु परियोजना अधिकारी कुसमी को अधिकृत करते हुए निर्देशित किए।

फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर भेजा गया था जेल

उक्त मामले में थाना शंकरगढ़ में अरमाना, रिजवाना,प्रियंका,सुशीला व अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उक्त चारों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस द्वारा विवेचना में फर्जी अंकसूची अजीजी पब्लिक स्कूल भगवतपुर एवं कुसमी से तैयार कर जारी किया जाना पाए जाने पर समसुद्दीन अंसारी उसके पुत्र आबिद अंसारी,पुत्री शाहिना परवीन एवं अन्य 2 की भी गिरफ्तारी की गई थी।

त्वरित कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी शंकरगढ़ एवं जांचदल की रही सराहनीय भूमिका

कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्यवाही करने की जिम्मेदारी तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी शंकरगढ़ श्री करुण डहरिया को सौंपी थी। जिसे उन्होंने बखूबी से निभाते हुए मामले में त्वरित जांच,दोषियों पर सख्त कार्यवाही और पात्र अभ्यर्थी की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया। इस पूरे प्रकरण में जांच दल में शामिल श्री रामपथ यादव (तत्कालीन बीईओ कुसमी) श्री आदित्य पाटनवार (तत्कालीन बीईओ राजपुर) श्री जय गोविंद तिवारी (तत्कालीन बीईओ शंकरगढ़) की सराहनीय भूमिका रही जिन्होंने सूक्ष्मता से निष्पक्ष होकर गोपनीयता बनाए रखते हुए जांच किया।