जो राष्ट्र के लिए जीता है, वही अमर होता है, इर्ष्या और अहंकार छोड़कर सेवा का मार्ग अपनाएं…!
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर। पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान न्यास एवं युवा भारत के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन दिनांक 12 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे मल्टीपरपज स्कूल ग्राउंड में उत्साह एवं अनुशासन के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सूर्य नमस्कार, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक रूप से सशक्त बनाते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों से परिचित कराना रहा। इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” को जीवन में उतारने का आह्वान किया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि जो केवल अपने लिए जीता है, वह मृत्यु के समान है, जबकि जो समाज और राष्ट्र के लिए जीता है, वही वास्तव में जीवित रहता है और स्मरणीय बनता है।
वक्ताओं ने कहा कि जैसे स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामदेव, ऋषि–मुनि, वीर–वीरांगनाओं ने राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उसी प्रकार आज के युवाओं को भी अपने तन, मन और धन से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। योग विज्ञान के माध्यम से शरीर में निहित सुप्त शक्तियों को जाग्रत कर जीवन को सकारात्मक दिशा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि विद्यार्थी यदि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, शिक्षक, खिलाड़ी, आईएएस, आईपीएस, कलेक्टर, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, तो उन्हें अखंड, प्रचंड पुरुषार्थ के साथ परमार्थ एवं सेवार्थ की भावना अपनानी होगी। ज्ञान, भक्ति और शक्ति के समन्वय से विद्यार्थी धर्म का पालन कर युवा भारत को विश्व पटल पर अग्रणी भूमिका में स्थापित कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन पतंजलि योग समिति छत्तीसगढ़ के सह राज्य प्रभारी कमलेश योगी द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, विकास सिंह, मंगलेश श्रीवास्तव, कृष्णा ठाकुर, दीवाना सर, शौमिक दास गुप्ता सहित अनेक शिक्षकों, योग प्रशिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों का सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का समापन युवाओं द्वारा योग, संयम और राष्ट्रसेवा को जीवन का आधार बनाने के संकल्प के साथ किया गया।