युवा जागरूकता से ही बनेगा सशक्त और समृद्ध राष्ट्र
छात्र-छात्राओं में सेवा, संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पहल
आदित्य गुप्ता
अम्बिकापुर। सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरगवां परिसर में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन बौद्धिक परिचर्चा सत्र संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से किया गया।
“स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” थीम पर आयोजित शिविर में अतिथि वक्ताओं ने कौशल विकास, युवा शक्ति, नशामुक्ति, स्वास्थ्य, योग और तनाव प्रबंधन पर सारगर्भित विचार रखे। वक्ताओं ने युवाओं को अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्राचार्या डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने कहा कि एनएसएस छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ करता है। शिविर में प्रतिदिन श्रमदान, योग, खेलकूद एवं बौद्धिक सत्रों के माध्यम से समग्र विकास किया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रानी रजक सहित समस्त प्राध्यापकों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।