ग्राम पंचायत बकिरमा में मरम्मत के नाम पर कथित घोटाला, सार्वजनिक हैंडपंप का निजी उपयोग..!
पानी नहीं, फर्जी बिल बह रहे! बकिरमा पंचायत में कथित लूट
आंगनबाड़ी चौक का हैंडपंप वर्षों से खराब, फिर भी भुगतान जारी
प्रेमनगर/सूरजपुर – प्रेमनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बकिरमा में पंचायत निधि के दुरुपयोग और सार्वजनिक संसाधनों के निजी इस्तेमाल का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरपंच–सचिव पर आरोप लगाया है कि हैंडपंप एवं सामुदायिक शौचालय मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये का आहरण कर लिया गया, जबकि धरातल पर कोई भी कार्य नहीं कराया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार को हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 90,000 रुपये की राशि आहरित की गई। इससे पहले सामुदायिक शौचालय मरम्मत के नाम पर 45,000 रुपये निकाले जा चुके हैं, जिनमें से 5,000 रुपये पुनः उसी दिन अमन सिंह जनरल ऑर्डर सप्लायर के नाम पर दर्शाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि अमन सिंह सरपंच का पुत्र है और उसके पास किसी प्रकार का ऐसा साधन या प्रतिष्ठान नहीं है, जिससे वह सामग्री आपूर्ति कर सके—फिर भी कथित रूप से फर्जी ऑर्डरशीट तैयार कर भुगतान किया गया।
हैरानी की बात यह है कि इन भुगतानों के बावजूद गांव के किसी भी हैंडपंप की मरम्मत नहीं हुई, न ही सामुदायिक शौचालय की स्थिति में कोई सुधार दिखाई देता है। आंगनबाड़ी चौक के पास स्थित हैंडपंप वर्षों से खराब पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार मौखिक व लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह बाजार चौक (सामुदायिक बाजार) के पास स्थित सार्वजनिक हैंडपंप में कथित रूप से निजी ट्यूबवेल जोड़कर निजी उपयोग किया जा रहा है। इससे बाजारवासियों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध उपयोग की जानकारी लिखित रूप में दिए जाने के बावजूद सरपंच–सचिव ने कोई कदम नहीं उठाया, जिससे पंचायत की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकारी योजनाओं के तहत लाखों रुपये स्वीकृत और आहरित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए पंचायत के वित्तीय अभिलेखों का ऑडिट, हैंडपंप व शौचालय कार्यों का भौतिक सत्यापन, तथा सार्वजनिक हैंडपंप के निजी उपयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने पर सरपंच, सचिव और संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे जनपद पंचायत, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों में लिखित शिकायत के साथ आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्राम पंचायत बकिरमा में उभरे इन आरोपों ने पंचायत व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।