बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़? लकडापारा छात्रावास के रंग-रोगन कार्य पर सवाल
ऊपर-ऊपर मरम्मत, अंदर से जर्जर भवन! छात्रावास निर्माण कार्य कटघरे में
ठेकेदार की मनमानी या विभागीय लापरवाही?
खड़गवां। विकासखंड खड़गवां के अंतर्गत लकडापारा स्थित शासकीय छात्रावास में चल रहे रंग-रोगन एवं मरम्मत कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा किए जा रहे कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार छात्रावास भवन में छत और दीवारों की मरम्मत तथा पुताई का कार्य किया जा रहा है, लेकिन यह कार्य बेहद घटिया स्तर का बताया जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा मरम्मत कार्य मनमाने तरीके से कराया जा रहा है। शाला में पदस्थ शिक्षकों द्वारा विरोध जताने के बावजूद कार्य में सुधार नहीं किया गया और घटिया तरीके से काम जारी रखा गया।
बताया जा रहा है कि दीवारों और छत की दरारों को केवल ऊपर-ऊपर से भर दिया गया है, जबकि खिड़की और दरवाजों की मरम्मत भी अधूरी छोड़ दी गई है। साथ ही निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जिससे भवन की मजबूती और कार्य की टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास में छोटे-छोटे बच्चे निवास करते हैं, ऐसे में भवन की मजबूती और सुरक्षित वातावरण बेहद जरूरी है। यदि मरम्मत कार्य इसी तरह घटिया स्तर का रहा तो भविष्य में किसी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही यदि कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग उठाई गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और छात्रावास में रह रहे बच्चों की सुरक्षा व सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।