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पंचायत भवन तक सिमटी जांच? नवापारा कला के विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन नहीं होने पर उठे सवाल

नवापारा कला में जांच टीम की कार्रवाई पर उठे सवाल, कार्यस्थलों का निरीक्षण किए बिना लौटी टीम!

By Admin · 15 Oct 2026 · 73 views
पंचायत भवन तक सिमटी जांच? नवापारा कला के विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन नहीं होने पर उठे सवाल

सूरजपुर। ग्राम पंचायत नवापारा कला जनपद पंचायत प्रेमनगर में विभिन्न विकास कार्यों को लेकर की गई शिकायतों की जांच के लिए आज प्रेम नगर से अधिकारियों की टीम पहुंची। लेकिन जांच की कार्रवाई को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जांच प्रक्रिया निर्धारित तरीके से पूरी नहीं की गई और टीम ने मौके पर पहुंचकर केवल औपचारिकता निभाई।
मिली जानकारी के अनुसार, जांच टीम ग्राम पंचायत नवापारा कला पहुंचने के बाद पंचायत भवन में ही बैठकर वापस लौट गई। आरोप है कि पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों के वास्तविक स्थलों का निरीक्षण नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, नाली, भवन निर्माण, सीसी रोड और अन्य कार्यों की गुणवत्ता तथा उपयोगिता का आकलन मौके पर जाकर ही किया जा सकता है।


इस दौरान ग्राम पंचायत के निवासी दासा एवं अन्य ग्रामीण ने संबंधित कार्यों की सूची तैयार कर अधिकारियों को सौंपी और अन्य कार्यस्थलों का भी निरीक्षण कर जांच करने की मांग रखी। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष शिकायत से जुड़े बिंदुओं को विस्तार से रखते हुए कहा कि दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ मौके का भौतिक सत्यापन भी आवश्यक है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने शेष कार्यों की जांच बाद में करने की बात कही।
ग्रामीणों के अनुसार, कई विकास कार्यों में स्वीकृत राशि, निर्माण की स्थिति और मौके पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यदि जांच टीम कार्यस्थलों का निरीक्षण किए बिना लौट जाती है, तो शिकायतों की वास्तविकता सामने आना मुश्किल हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि जांच के दौरान पंचायत से संबंधित अभिलेख, माप पुस्तिका, भुगतान विवरण और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया जाए।
अब सवाल यह है कि जब शिकायत ग्राम पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित है, तो क्या केवल पंचायत भवन में बैठकर जांच पूरी की जा सकती है? क्या संबंधित कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन किए बिना जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित हो पाएगी? यदि जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित रहती है, तो मौके पर हुए निर्माण और अभिलेखों में दर्ज जानकारी के बीच अंतर का पता लगाना संभव नहीं होगा।


ग्रामीणों और शिकायत से जुड़े लोगों की मांग है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा सभी शिकायतों की बिंदुवार जांच की जाए तथा प्रत्येक कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। साथ ही जांच प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग भी की जा रही है, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे।
लोगों का कहना है कि जांच टीम को पंचायत भवन में बैठक करने के साथ-साथ सभी संबंधित स्थलों का निरीक्षण करना चाहिए था। यदि किसी कारणवश कुछ कार्यस्थलों का निरीक्षण नहीं हो सका, तो विभाग को जल्द ही दोबारा टीम भेजकर जांच पूरी करनी चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


अब देखना होगा कि संबंधित विभाग द्वारा शेष कार्यों की जांच कब तक की जाती है और जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं।

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