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आत्मानंद स्कूल में DMF फंड पर 'डाका': कोर्ट के कड़े रुख के बाद पूर्व जनपद CEO समेत 9 पर FIR, फर्जी बिल से हुआ था भुगतान

आत्मानंद स्कूल निर्माण में ₹1.32 करोड़ की DMF राशि का घालमेल: पूर्व जनपद CEO समेत 9 पर कोर्ट के आदेश से FIR दर्ज

By Admin · 28 Oct 2026 · 407 views
आत्मानंद स्कूल में DMF फंड पर 'डाका': कोर्ट के कड़े रुख के बाद पूर्व जनपद CEO समेत 9 पर FIR, फर्जी बिल से हुआ था भुगतान

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, केशवपुर में खनिज न्यास निधि (DMF) से स्वीकृत 1.32 करोड़ रुपए की राशि में भारी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) गुलापन राम यादव की अदालत के आदेश के बाद मणिपुर थाना पुलिस ने तत्कालीन जनपद सीईओ, इंजीनियर और ठेका कंपनियों सहित 9 लोगों के खिलाफ गंभीर गैर-जमानती धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एजेंसी पंचायत, पर काम ठेकेदारों को सौंप बंदरबांट का आरोप

जानकारी के अनुसार, केशवपुर स्कूल में सीसी सड़क, गार्डन सौंदर्यीकरण, प्रधान पाठक कक्ष, बाउंड्री वॉल, प्रवेश द्वार और पार्किंग शेड निर्माण के लिए 31 मार्च 2023 को DMF मद से ₹1.32 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य कराने के लिए अधिकृत एजेंसी ग्राम पंचायत केशवपुर को बनाया गया था। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर तत्कालीन जनपद सीईओ सुरेश्वर नाथ तिवारी ने पंचायत स्तर पर काम कराने के बजाय दो निजी फर्मों—अनन्या कंस्ट्रक्शन और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन—से काम कराया।

दबाव डालकर RTGS से भुगतान, फर्जी बिल-वाउचर तैयार

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन जनपद सीईओ ने सरपंच और सचिव को कार्यालय तलब कर पंचायत के बैंक खाते से राशि आहरित कराई और RTGS के जरिए ठेका कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दी। निर्माण कार्यों का सत्यापन किए बिना कथित तौर पर फर्जी बिल-वाउचर और मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार कर लाखों रुपए की हेराफेरी की गई।

कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में लीपापोती, कोर्ट की शरण में पहुंचे शिकायतकर्ता

शिकायतकर्ता अभय नारायण पांडेय ने मामले की शिकायत सरगुजा कलेक्टर से की थी। 7 अक्टूबर 2024 को गठित जांच दल ने स्थलीय निरीक्षण किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच में गड़बड़ी मिलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने के लिए रिपोर्ट में लीपापोती की गई। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने अदालत में परिवाद दायर किया, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मणिपुर थाने को तत्काल मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।

इन 9 लोगों और फर्मों पर दर्ज हुआ केस

मणिपुर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (शासकीय धन का गबन), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना व उपयोग), 201 (साक्ष्य छिपाना), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

  1.   सुरेश्वर नाथ तिवारी, तत्कालीन जनपद CEO
  2.   विवेक प्रताप सिंह राठौर, सब इंजीनियर
  3.   उपेंद्र सिंह सेंगर, तत्कालीन जनपद CEO
  4.   राम प्रकाश यादव, तत्कालीन सचिव
  5.   इम्तान सिंह, तत्कालीन सरपंच
  6.   सुयश अग्रवाल
  7.   अरविंद कुमार अग्रवाल, अनन्या कंस्ट्रक्शन
  8.   मेसर्स अनन्या कंस्ट्रक्शन (फर्म)
  9.   मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन (फर्म)

मणिपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर रिकॉर्ड जब्त करने और आगे की विवेचना की प्रक्रिया तेज कर दी है।

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