अंबिकापुर/सरगुजा। सरगुजा संभाग के रनपुरखुर्द–बेनीपुर स्थित प्राचीन माँ नाथल दाई धाम में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इस पावन अवसर पर सरगुजा संभाग के मीडिया बंधुओं ने माँ नाथल दाई के दरबार में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा माता रानी के श्रीचरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन-पूजन के दौरान सभी ने समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना के पश्चात सभी ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है माँ नाथल दाई धाम
रनपुरखुर्द–बेनीपुर स्थित प्राचीन माँ नाथल दाई धाम क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक आस्था का केंद्र है। माता रानी के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और विश्वास इस धाम को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। यहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, परिवार की सुख-शांति तथा जीवन में सकारात्मकता की कामना लेकर पहुंचते हैं।
माँ नाथल दाई के दरबार में दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति और आत्मिक संतोष का अनुभव माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना और प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा लोगों को अपनी आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती है।
मीडिया बंधुओं ने की क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
माँ नाथल दाई धाम में दर्शन-पूजन के दौरान सरगुजा संभाग के मीडिया बंधुओं ने माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। सभी ने प्रार्थना की कि माँ नाथल दाई की कृपा समस्त क्षेत्रवासियों पर सदैव बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, आरोग्यता और समृद्धि का वास हो।
माता रानी से यह भी मंगलकामना की गई कि क्षेत्र में आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत हो तथा सभी लोगों का जीवन खुशहाल बने। धार्मिक आस्था के ऐसे अवसर समाज में सकारात्मकता, परस्पर सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का संदेश
माँ नाथल दाई धाम में आयोजित इस दर्शन-पूजन के अवसर ने क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति श्रद्धा को अभिव्यक्त किया। समाज में मीडिया की भूमिका केवल समाचारों के प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, धार्मिक स्थलों, सामाजिक गतिविधियों और जनभावनाओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने में भी महत्वपूर्ण है।
प्राचीन धार्मिक स्थलों की पहचान, उनसे जुड़ी मान्यताओं और परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। माँ नाथल दाई धाम जैसे आस्था के केंद्र क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने में अपनी विशेष भूमिका निभाते हैं।
दर्शन-पूजन के इस पावन अवसर पर सभी ने माता रानी के श्रीचरणों में नमन करते हुए कामना की कि उनकी असीम कृपा सभी पर बनी रहे। समस्त क्षेत्र में सुख-शांति, सद्भाव, खुशहाली और समृद्धि का वातावरण कायम रहे तथा हर परिवा
र का जीवन मंगलमय हो।