मानवता की मिसाल: अनोखी सोच संस्था ने असहाय महिला का कराया अंतिम संस्कार, दो मासूम बच्चे हुए अनाथ
जब कोई नहीं आया आगे, अनोखी सोच संस्था बनी अंतिम सहारा, 10 साल के बेटे ने दी मां को अंतिम विदाई, भावुक हुआ पूरा माहौल…!
आदित्य गुप्ता
अम्बिकापुर– मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता की एक मार्मिक मिसाल उस समय देखने को मिली जब अनोखी सोच संस्था ने एक असहाय और गरीब महिला का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर मानवता का धर्म निभाया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के पास अंतिम संस्कार के लिए न तो पर्याप्त संसाधन थे और न ही कोई सहारा, ऐसे में संस्था के सदस्यों ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई। जानकारी के अनुसार ग्राम चितरपुर, पोस्ट डूमरडीह (लुंड्रा) की निवासी यशोदा गुप्ता (32 वर्ष) पिछले दो दिनों से गंभीर बीमारी के चलते मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में उपचाररत थीं। इलाज के दौरान 7 मार्च 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली। यशोदा गुप्ता विधवा थीं और अपने दो छोटे बच्चों गणेश गुप्ता (10 वर्ष) और मनीष गुप्ता (5 वर्ष) के साथ अपने पिता के घर रहकर जीवन यापन कर रही थीं।
परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण महिला की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार कर पाना भी उनके लिए मुश्किल हो गया। इसी दौरान मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक नर्स ने परिवार को अनोखी सोच संस्था से संपर्क करने की सलाह दी। इसके बाद संस्था के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साहू को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही संस्था के सदस्य तत्काल सक्रिय हुए और मृतिका का पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार कराया। अंतिम संस्कार के दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मात्र 10 वर्षीय पुत्र गणेश गुप्ता ने कांपते हाथों से अपनी मां की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साहू ने कहा कि संस्था हमेशा जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दोनों मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है और अब उनकी जिम्मेदारी वृद्ध नाना पर आ गई है। ऐसी स्थिति को देखते हुए संस्था ने दोनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और अन्य आवश्यक जरूरतों में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही तत्काल बच्चों को कुछ आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
अंतिम संस्कार के दौरान संस्था के सदस्य प्रकाश साहू, मोती ताम्रकर, संजू चटर्जी, सुनील साहू, अजय ताम्रकर, रूपेश बेहेरा, समित मुंडा, देव साहू, ननकु मुंडा, बिट्टू मिश्रा, गजानंद साहू, निशांत जायसवाल, गोपी साहू, रोहित सिंह, गुड्डू, लाला साहू, सौरभ दास, अजय साहू, नीरज साहू, मनोज अग्रवाल, सत्यम साहू, विकास, अंशु पाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से दिवंगत आत्मा को अंतिम विदाई दी।