गायन, नृत्य और नुक्कड़ नाटक की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
सुर, ताल और अभिनय का अद्भुत संगम, द एक्टिविस्ट कार्यक्रम में दिखी सांस्कृतिक शक्ति
राजीव लोचन पाठक (राजा)
अम्बिकापुर। सामाजिक जागरूकता, पत्रकारिता, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न विषयों को समर्पित “द एक्टिविस्ट नेशनल अवॉर्ड शो” केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कार्यक्रम कला, संस्कृति और प्रतिभाओं के अद्भुत संगम का भी साक्षी बना। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस भव्य आयोजन में सरगुजा अंचल के युवा कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान जहां देशभर से आए पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखे, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को जीवंत और यादगार बना दिया। गंभीर विषयों के बीच कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य और नाट्य मंचन ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी प्रदान किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत मधुर गायन प्रस्तुतियों से हुई। युवा गायक बृजेश शर्मा एवं राहुल मंडल ने अपनी सुरमयी आवाज से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। देशभक्ति, सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित गीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति को कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने खूब सराहा।
इसके बाद मंच पर नृत्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। शिवांशी वर्मा, अर्नव शेट्टी सोनी, सुप्रिया पाण्डेय, खुशी एवं उनके साथियों ने एकल और समूह नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक एवं आधुनिक शैली के सुंदर समन्वय ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया। कलाकारों के आत्मविश्वास, मंच संचालन क्षमता और कलात्मक अभिव्यक्ति ने यह साबित कर दिया कि सरगुजा की प्रतिभाएं किसी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विकेश एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत पत्रकारिता विषयक नुक्कड़ नाटक रहा। इस प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति में पत्रकारिता की चुनौतियों, समाज में मीडिया की भूमिका, सत्य की खोज और लोकतंत्र में चौथे स्तंभ के महत्व को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के सशक्त अभिनय और सामाजिक संदेश से भरपूर संवादों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। नाटक की प्रस्तुति के दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए जमकर तालियां बजाईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही कारण है कि द एक्टिविस्ट नेशनल अवॉर्ड शो में भी कला और संस्कृति को विशेष स्थान दिया गया। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल विचारों से नहीं, बल्कि संस्कृति, कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से भी संभव है। कलाकार समाज का दर्पण होते हैं और उनकी प्रस्तुतियां लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत बनाती हैं।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने सरगुजा के कलाकारों की प्रतिभा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कई कलाकार प्रदेश के बाहर भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से पहचान बना चुके हैं और अब राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर सरगुजा का नाम रोशन कर रहे हैं।
दर्शकों ने भी कार्यक्रम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को आयोजन की सबसे आकर्षक कड़ी बताया। लोगों का कहना था कि सम्मान समारोह, विचार विमर्श और सामाजिक सरोकारों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे आयोजन को संतुलित और जीवंत बनाए रखा। कलाकारों की ऊर्जा, समर्पण और प्रस्तुति शैली ने कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई प्रदान की।
द एक्टिविस्ट नेशनल अवॉर्ड शो में सरगुजा के कलाकारों द्वारा दी गई शानदार प्रस्तुतियां इस बात का प्रमाण हैं कि क्षेत्र प्रतिभाओं से समृद्ध है। यदि इन प्रतिभाओं को निरंतर अवसर और उचित मंच मिलता रहा, तो भविष्य में वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, द एक्टिविस्ट नेशनल अवॉर्ड शो केवल सम्मान और विचारों का मंच नहीं रहा, बल्कि यह सरगुजा की कला, संस्कृति और युवा प्रतिभाओं की अद्भुत प्रस्तुति का भी ऐतिहासिक साक्षी बना। कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को लंबे समय तक याद रखने योग्य बना दिया।