कागजों में चल रहा जल विभाग? जमीनी हकीकत ने खोली पोल
फाइलें लंबित, नहरें सूखी – जिम्मेदारों की अनुपस्थिति से बढ़ी परेशानी
जल संसाधन विभाग का खड़गवां कार्यालय चपरासी के भरोसे, रबी सीजन में किसान परेशान
खड़गवां – एमसीबी जिले के खड़गवां विकासखंड स्थित जल संसाधन विभाग का स्थानीय कार्यालय इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही के आरोपों से घिरा हुआ है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारी एवं जिम्मेदार कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते, जिससे पूरा कामकाज एक चपरासी के भरोसे संचालित हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सिंचाई, नहर मरम्मत, जल वितरण तथा किसानों की शिकायतों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जब वे कार्यालय पहुंचते हैं, तो संबंधित अधिकारी अनुपस्थित मिलते हैं। कई बार मजबूरन आवेदन और शिकायत पत्र चपरासी को सौंपना पड़ता है, जो आगे बढ़ाने का आश्वासन देता है, लेकिन समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है।
रबी फसल के महत्वपूर्ण समय में पानी की आपूर्ति को लेकर किसान विशेष रूप से चिंतित हैं। उनका आरोप है कि अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण फाइलें लंबित पड़ी हैं और नहरों की मरम्मत व जल वितरण की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, कार्यालय में पदस्थ कुछ कर्मचारी लंबे समय से नियमित उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और आम नागरिकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
हालांकि, विभाग के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी और अतिरिक्त प्रभार के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। वहीं, जब संबंधित अधिकारियों से इस विषय में संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
स्थानीय नागरिकों और किसान संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कार्यालय की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त कर किसानों को राहत प्रदान की जाए।
जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विभाग की वर्तमान स्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब संज्ञान लेते हैं और व्यवस्था सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।