शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी पाइपलाइन, अब पीलिया ने पकड़ी रफ्तार
बच्चों से बुजुर्ग तक चपेट में, उबालकर पानी पीने की सलाह , जल आपूर्ति में लापरवाही भारी, अंबिकापुर में पीलिया का फैलाव..!
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर- शहर के मोमिनपुरा क्षेत्र में पीलिया (Jaundice) के मामलों में तीव्र वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जांच में मोमिनपुरा क्षेत्र के पानी में बैक्टीरियल संदूषण पाया गया है, जिससे पीने का पानी पीने योग्य नहीं रहा और 3 महीने पहले सामने आया पहला पॉजिटिव केस अब 42 से अधिक लोगों तक फैल चुका है।
दूषित पानी ही बीमारी का मुख्य कारण
स्वीकृत रिपोर्ट अनुसार जांच के दौरान मोमिनपुरा क्षेत्र में तीन स्थानों पर पानी की पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है। यही दोषी पाइप लाइन से दूषित जल सप्लाई होकर वार्डों में जा रहा था, जिससे बच्चों सहित पुरुष-स्त्री व बुजुर्ग सदस्य बीमार हुए।
पानी में क्लोरीनयुक्त शुद्ध जल में MPN (Most Probable Number) बैक्टीरियल लोड की मात्रा मानक से कहीं अधिक पाई गई, जो इसे पीने योग्य नहीं बनाती। स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पानी के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग को भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता
दूषित पानी की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम मोमिनपुरा में सर्वे और सैंपलिंग में जुट गई है। 10 से अधिक घरों से प्राप्त पानी के नमूनों में बैक्टीरियल लोड 22 से 28 MPN प्रति 100 मिलीलीटर पाया गया, जो पीने योग्य पानी के मानक से ऊँचा है। विभाग ने स्थानीय लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है।
पीड़ितों की स्थिति और स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों के अनुसार, दिसंबर में पहले पीलिया का पॉजिटिव मामला सामने आया था जिसने धीरे-धीरे अन्य बच्चों तथा वयस्कों को भी प्रभावित किया। कई परिवारों ने बदबूदार तथा मटमैला पानी पीने के बाद बीमार होने की बात कही है।
प्रशासन पर चिंता की लकीर
पैरासद मो. हसन के अनुसार, पहले भी पाइपलाइन लीक की शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते उसकी मरम्मत नहीं हुई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कार्यरत है। स्थानीय नागरिकों को उबला हुआ या सुरक्षित पानी उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि पीलिया जैसी बीमारी से बचाव किया जा सके।
मटमैला और बदबूदार आ रहा था पानी
स्थानीय निवासी निसार अहमद और बेलाल खान ने बताया कि नगर निगम की सप्लाई का पानी कुछ दिनों से मटमैला और बदबूदार आ रहा था। बावजूद इसके लोग मजबूरी में वही पानी पीते रहे। बाद में जब बीमारियां बढऩे लगीं तो कई परिवारों ने जार का पानी लेना शुरू कर दिया।