धूल और बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर डेढ़ घंटे चक्काजाम, अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला रास्ता
सड़क बदहाल तो जनता बेहाल, आंदोलन के बाद प्रशासन हरकत में..!
आदित्य गुप्ता
अंबिकापुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर धूल, गड्ढों और पेयजल संकट से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। ग्राम असोला, रनपुर, देवगढ़ और सोनपुर के ग्रामीणों ने मास्क पहनकर लगभग 1 घंटा 30 मिनट तक चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप था कि सड़क निर्माण कार्य अधूरा और लापरवाहीपूर्ण है, जिससे उड़ती धूल और गड्ढों ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं होने से आक्रोश बढ़ता गया।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
मौके पर पहुंचे राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के एसडीओ निखिल कुजूर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आज से ही धूल नियंत्रण के लिए दो पानी के टैंकर नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
10 दिनों के भीतर सभी गड्ढे भर दिए जाएंगे।
शेष निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाएगा।
वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के ईई ओमकार सिंह ने पेयजल समस्या पर जानकारी देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत लगभग एक वर्ष में बांक डैम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अप्रैल माह तक ग्राम असोला, रनपुर, देवगढ़ और सोनपुर में अस्थायी राहत के रूप में बोरिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती का भरोसा
नायब तहसीलदार ने क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और ब्लास्टिंग की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के लिखित एवं मौखिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।
जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे उपस्थित
प्रदर्शन के दौरान शैलेंद्र प्रताप सिंह, निखिल विश्वकर्मा, सौरभ फिलिप, आशीष शील, तरण बाबरा, प्रिंस विश्वकर्मा, वैभव पांडेय, ज्ञान तिवारी, निकेश यादव, सरपंच असोला दीपक पैकरा, भानु रजवाड़े, सौरभ विश्वकर्मा, फ़ैज़, विजय शर्मा, नवीन गुप्ता, लाली, सोनमणि, रामकुंवर, विलासों, पूर्णिमा, तुलेश्वरी, संतोषी, जीधन यादव, सोनू यादव, ललन दास, मुकेश दास, मोनू यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अब निगाहें अमल पर
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद यातायात सुचारू हो गया है, लेकिन क्षेत्रवासियों की निगाहें अब वादों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।