सरपंच–सचिव पर सवाल: अपने ही परिजन को बनाया सप्लायर, पंचायत राशि का कथित गबन
कागजों में चमकता विकास, हकीकत में जर्जर बकिरमा! पंचायत कार्यों पर उठे सवाल
रवि चंद्र पांडेय
प्रेमनगर विकासखंड। प्रेमनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बकिरमा में हैंडपंप मरम्मत, शौचालय सुधार, स्वच्छता एवं अन्य विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों और पंचायत के पंचों का आरोप है कि पंचायत फंड का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, हैंडपंप मरम्मत के नाम पर लगभग तीन लाख रुपये से अधिक की राशि आहरित की गई, जबकि जमीनी हकीकत इससे मेल नहीं खाती। न तो उतने हैंडपंप खराब पाए गए और न ही मरम्मत कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। आरोप यह भी है कि सरपंच द्वारा अपने ही पुत्र के नाम पर सप्लायर बनाकर भुगतान कराया गया, जो शासकीय नियमों के प्रतिकूल बताया जा रहा है।
इसी तरह शौचालय मरम्मत के नाम पर एक लाख रुपये से अधिक की राशि आहरित किए जाने के आरोप हैं। कभी स्टेशनरी सामग्री तो कभी स्वच्छता समूह के नाम पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है। कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में कई स्थानों पर कोई कार्य हुआ ही नहीं।
पंचों एवं ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने लिखित रूप से जानकारी मांगी तो सरपंच और सचिव द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। ग्राम सभा अथवा पंचायत बैठकों में भी न तो प्रस्तावों की जानकारी साझा की जाती है और न ही कार्यों की स्वीकृति पर चर्चा होती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उप स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली
ग्राम पंचायत बकिरमा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों पूर्व निर्मित शौचालय आज भी केवल ढांचे के रूप में खड़ा है और उस पर ताला लटका हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसे उपयोग योग्य बनाने की जिम्मेदारी सरपंच एवं सचिव ने नहीं निभाई। इसके चलते इलाज के लिए आने वाले मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी अनियमितता का आरोप
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। दर्जनों आवास कागजों में पूर्ण दर्शाए गए हैं, जबकि वे वर्षों से अधूरे पड़े हैं। इससे पात्र हितग्राही आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों और पंचों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विशेष रूप से हैंडपंप मरम्मत, शौचालय निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का वीडियोग्राफी के साथ भौतिक सत्यापन कराने की मांग उठी है, ताकि पंचायत फंड के दुरुपयोग की सच्चाई सामने आ सके। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस कथित भ्रष्टाचार पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा, या फिर ग्राम पंचायत बकिरमा में विकास के नाम पर धन का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?