बिचौलियों का खेल या प्रशासनिक लापरवाही? धान घोटाले की जांच तेज
सूरजपुर में धान घोटाले का पर्दाफाश, राइस मिल व सहकारी समिति से ₹1.63 करोड़ का धान गायब
धान घोटाला उजागर, राइस मिल सील—जांच शुरू,सूरजपुर में करोड़ों का धान लापता..!
सूरजपुर। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान में भारी अनियमितता सामने आई है। प्रशासनिक जांच में राइस मिल और सहकारी समिति से कुल 1 करोड़ 63 लाख रुपए मूल्य का धान गायब पाया गया है। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने श्याम श्री एग्रो राइस मिल को सील कर दिया है और दोनों प्रकरणों में विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
राइस मिल से ₹83 लाख का धान गायब
सोमवार को प्रशासनिक अमले ने लक्ष्मणपुर दतिमा स्थित श्याम श्री एग्रो राइस मिल की जांच की। जांच के दौरान राइस मिल में 29,574 क्विंटल धान का भौतिक स्टॉक पाया गया, जबकि दस्तावेजों के अनुसार इससे अधिक धान होना चाहिए था। मिलान में 2,706 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 83 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। लाखों का धान गायब मिलने पर प्रशासन ने राइस मिल को सील कर दिया। राइस मिल संचालक गायब धान के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिस पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि कागजों में धान का उठाव दिखाकर उसे बिचौलियों को बेच दिया गया या समितियों के रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई।
सहकारी समिति से ₹80 लाख का धान लापता
इससे पहले भैयाथान तहसीलदार एवं खाद्य विभाग के अमले ने सहकारी समिति सावारावां की जांच की। दस्तावेजों के अनुसार समिति में 40,842 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी। भौतिक सत्यापन में केवल 34,132 क्विंटल धान पाया गया।
यहां से 2,588 क्विंटल धान गायब मिला, जिसकी कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि धान समिति में पहुंचे बिना ही किसानों के खातों में एंट्री कर दी गई। समिति प्रबंधक से पूछताछ की गई, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए।
प्रशासन सख्त, जांच जारी
प्रशासन ने दोनों मामलों को घोर अनियमितता मानते हुए जांच तेज कर दी है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों, राइस मिल संचालक और समिति प्रबंधन की भूमिका स्पष्ट होगी।